ऐश्वर्या पिस्से
साँचा:Infobox sportsperson ऐश्वर्या पिस्से (जन्म 14 अगस्त 1995) भारतीय सर्किट और ऑफ़-रोड मोटरसाइकिल रेसर हैं। वे ऐसी पहली भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने मोटरसाइकिल पर मोटरस्पोर्ट में विश्व खिताब जीता है।उन्होंने एफ़आइएम वर्ल्ड कप के महिला वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया। 2019 में जूनियर वर्ग में उन्हें दूसरा स्थान हासिल हुआ था। इस प्रतियोगिता में दो दिनों में कई इलाक़ों से गुजरते हुए 800-1,000 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। [१]
पिस्से ने 2017 और 2018 में नेशनल रैली चैम्पियनशिप और 2016 और 2017 में रोड रेसिंग और रैली चैंपियनशिप में राष्ट्रीय ख़िताब हासिल किए हैं।[२] वह 2018 में स्पेन में बाजा आरागॉन वर्ल्ड रैली में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।[३]
व्यक्तिगत जानकारी[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
पिस्से का जन्म बेंगलुरु में हुआ।स्कूल के दौरान ही उन्होंने बाइकर बनने का फ़ैसला लिया।[४] तब भारत में कुछ ही महिला रेसर थी।पिस्से के मुताबिक उन्हें अपने परिवार को अपने फैसले के बारे में समझाने में वक्त लगा।[५] जब वह नौ साल की थीं, तब उनके माता-पिता अलग हो गए थे।उसी वक्त उन्होंने बाइक चलाना शुरू किया। कुछ समय बाद वे एमटीवी पर एक शो में दिखाई दीं, उन्होंने गुजरात से मेघालय के चेरापूंजी तक कि 8,000 किलोमीटर की यात्रा बाइक पर 24 दिनों में पूरी की थी।[६]
पेशेवर उपलब्धियां[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
2016 में, पिस्से ने बेंगलुरु की एपेक्स रेसिंग अकादमी से स्नातक करने के बाद रेसिंग के करियर की शुरुआत की और टीवीएस वन मेक चैम्पियनशिप में जीत हासिल की। फेडरेशन ऑफ़ मोटर स्पोर्ट्स क्लब ऑफ़ इंडिया ने उन्हें 2016, 2017 और 2019 में ‘आउटस्टैंडिंग वीमेन इन मोटरस्पोर्ट्स अवार्ड’ के पुरस्कार से सम्मानित किया।[७] 2017 में, पिस्से “रेड डी हिमालया” की एक बहुत मुश्किल रेस जीतीं, जिसमें कई रेसर्स ड्रॉप आउट हुए| साथ ही दक्षिण डेयर और टीवीएस अपाचे लेडीज़ वन-मेक चैम्पियनशिप में भी जीत हासिल की। उन्होंने 2017 नेशनल रैली चैंपियनशिप में भी जीत हासिल की। 2018 में वे दोबारा इंडियन नेशनल रैली चैम्पियनशिप जीतीं।
उसी वर्ष, वे बाजा आरागॉन रैली में शिरकत करने वाली पहली भारतीय बनीं, लेकिन एक दुर्घटना में उनके पैन्क्रियाज़ को नुकसान पहुंचाया और उन्हें इस रैली से बाहर होना पड़ा। इससे पहले 2017 में भी उन्हें एक भयंकर टक्कर का सामना करना पड़ा था, तब उनकी कॉलर बोन टूट गई थी।[८] सर्जरी के बाद, 2019 में उन्होंने वापसी की और एफआईएम वर्ल्ड कप जीतीं। इसके साथ ही उन्होंने मोटरस्पोर्ट्स में विश्व ख़िताब जीत कर पहली भारतीय बनने का कीर्तिमान बनाया। [९]
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ . Aishwarya Pissay. [१]
- ↑ "Racer Aishwarya Pissay swings into top gear".The Week'.[२]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ "मोटरबाइक रेसिंग में परचम लहरातीं ऐश्वर्या". BBC News हिंदी. [३]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ "Racer Aishwarya Pissay swings into top gear".The Week'.[४]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ May 13, Tridib Baparnash / TNN /"No more a man’s world, says World Cup winning racer Aishwarya Pissay | Racing News - Times of India".The Times of India'.[५]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ Aug 13, Hindol Basu / TNN / Updated:"Aishwarya Pissay 1st Indian to win world title in motorsports | Racing News - Times of India".The Times of India'.[६]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ "Press release of the FMSCI Awards 2019 – FMSCI".[७]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ (2019-08-14)."Aishwarya Pissay’s long ride from reality television to winning a world title in motorsports".The Indian Express'.[८]Retrieved 2021-02-17.
- ↑ Aug 13, Hindol Basu / TNN / Updated:"Aishwarya Pissay 1st Indian to win world title in motorsports | Racing News - Times of India".The Times of India'.[९]Retrieved 2021-02-17.