कश्मीरी लाल ज़ाकिर

कश्मीरी लाल ज़ाकिर (7 अप्रैल 1919 – 31 अगस्त 2016) एक भारतीय कवि, उपन्यासकार, नाटककार और उर्दू साहित्य के लघु कथाकार थे। [१]
अपने करियर का जो अपनी पहली के साथ शुरू ग़ज़ल Adabi दुनिया, से एक प्रकाशन में प्रकाशित लाहौर, 1940-अंतर्गत कई उपन्यास, नाटक, लघु कथाएँ और यात्रा वृत्तांत में। [२] ज़ाकिर ने तत्कालीन ब्रिटिश भारत में पंजाब शिक्षा विभाग की सेवा की और इसके अध्यक्ष के रूप में कई वर्षों तक हरियाणा उर्दू अकादमी से जुड़े रहे। [३] उन्होंने हिंदी और उर्दू में लिखा है, [४] [५] जिनमें तिन सिहर एकल, एक ग़ज़ल एंथोलॉजी, [६] अब मुज़े सोन दो, एक उपन्यास [७] और ऐ माओ बेवना बेटियो, लेखों का एक संग्रह है। [८]
जाकिर हरियाणा सरकार से फख्र-ए-हरियाणा के सम्मान का प्राप्तकर्ता है। [१] भारतीय साहित्य में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2006 में पद्म श्री के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया । [९]
जाकिर की मृत्यु 31 अगस्त 2016 को 97 वर्ष की आयु में हुई। [१०]
संदर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ १.० १.१ (2015)."Biography of Kashmiri Lal Zakir".Urdu Youth Forum.[१]Retrieved 13 December 2015. उद्धरण त्रुटि:
<ref>अमान्य टैग है; "Biography of Kashmiri Lal Zakir" नाम कई बार विभिन्न सामग्रियों में परिभाषित हो चुका है - ↑ (28 June 2009)."K. L. Zakir: The pride of Urdu".Spectrum.[२]Retrieved 13 December 2015.
- ↑ (17 April 2013)."Academy hosts nonagenarian Kashmiri Lal Zakir".Daily Excelsior.[३]Retrieved 13 December 2015.
- ↑ (2015)."WorldCat profile".WorldCat.[४]Retrieved 13 December 2015.
- ↑ (2015)."Hindi Book Centre profile".Hindi Book Centre.[५]Retrieved 13 December 2015.
- ↑ Kashmiri Lal Zakir, {{{first}}} Tin cihre ek saval. Maudarn Pablishing Haus.
- ↑ Kashmiri Lal Zakir, {{{first}}} Ab Mujhey Sone Do. Hindi Book Centre.ISBN 9788181871534.
- ↑ Aey Mao Behno Betiyo. Hindi Book Centre.ISBN 9788182236127.
- ↑ (2015)."Padma Awards".Ministry of Home Affairs, Government of India.[६]Retrieved 21 July 2015.
- ↑ "KL Zakir, doyen of Urdu literature, dead at 97".[७]Retrieved 3 जून 2020.