कौर्वकि
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कहा जाता है कि रानी कौर्वकि एक मछुवारन थीं जो बाद में सम्राट अशोक की पत्नी बनीं। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया तथा अशोक की दूसरी पत्नी बनीं। अशोक के लघु शिलालेखों में से एक रानी शिलालेख से वह अमर हो गयीं। इस शिलालेख के अनुसार वह अशोक की दूसरी पत्नी तथा तिवला की माँ थीं[१].
प्रचलित संस्कृति में[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
फ़िल्म 'अशोका' में कौर्वकि को कलिंग राज्य की एक अनाथ राजकुमारी दिखाया गया है जो अशोक के आक्रमण के विरुद्ध एक सेना का संचालन करती है।
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ द क्वीन एडिक्ट Archived 22 सितंबर 2009 at Web Archive"बुद्धाज़ वर्ल्ड् १९९९, प्राप्त की गयी २००९-०३-०५.