सामग्री पर जाएँ

जॉर्ज बुकनैन

भारतपीडिया से

चित्र:Portret van George Buchanan, humanist Icones 14.tiff

जार्ज बुकनैन (George Buchanan ; १५०६-१५८२) स्कॉट इतिहासकार एवं मानवतावादी लेखक थे।

परिचय[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

उनकी शिक्षा डंबार्टन स्कूल तथा पैरिस स्कूल में हुई। सेंट ऐंडूज विश्वविद्यालय से बी.ए. तथा पेरिस से एम.ए.। विद्यार्थीकाल से लैटिन कविता लिखना आरंभ किया। वे पैरिस आए और वहाँ तीन वर्ष तक लैटिन शिक्षक का कार्य करते रहे। उनके चार दु:खांत नाटक 'मिडिया', 'एलसेसटिस', यूनूपीडट से अनुवादित तथा 'जेफ्था' व बैप्टिस्ट मौलिक रचनाएँ हैं जा विद्यार्थियों द्वारा अभिनीत करने के लिए लिखी गई। प्रसिद्ध निबंधकार मांतेन उनका इसी समय का शिष्य था। पुर्तगाल में नवस्थापित कालेज के प्राचार्य रूप में आने के तुरंत बाद अपने धार्मिक विचारों के कारण मठ में बंदी बना लिए गए। यहाँ उन्होंने बाइबिल की प्रार्थनाओं का लैटिन में अनुवाद किया जो १९वीं शताब्दी तक स्कॉटलैंड में पाठ्यपुस्तक के रूप में पढ़ाया जाता रहा। 'लेनोरा' नामक काव्य भी यहीं लिखा गया।

१५६२ में स्कॉटलैंड की रानी मेरी के शिक्षक नियुक्त हुए पर लॉर्ड डार्नले की हत्या के बाद उन्होंने मेरी के विरुद्ध 'डिटेक्शिया' नामक पुस्तक लिखकर यूरोप में उसके अभियोग का प्रचार किया तथा 'कैस्केट लेटर्स' उसी द्वारा लिखे जाने का समर्थन किया। जेम्स छठे के पक्ष में रानी द्वारा गद्दी त्यागने पर वर्ष तक जेम्स के शिक्षक रहे। १५७९ में संसद के अधिकार तय हुए। 'डीजुरे रेनी एमिड स्कॉट्स' (१५७०) लिखकर उन्होंने जनता को राजा की शक्ति का आधार बताया और रानी मेरी के प्रति किए गए वर्ताव का समर्थन किया। संसद् द्वारा इसका विरोध हुआ और यह पुस्तक ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जलाई भी गई। १५८२ में 'रेरम स्कॉट केरम हिस्ट्रिया' नामक स्कॉटलैंड का इतिहास लिखा।

लैटिन भाषा में रचना करने के कारण वे विशेष जनप्रिय और अमर न हो सके। इस भाषा पर इनका पूर्ण अधिकार था और वे सच्चे अर्थ में कवि थे। पाँच खंडों में 'डी स्फ़ेरा' काव्य लिखकर उन्होंने कोपरनिकस के मुकाबले टॉलेमी के ज्योतिष सिद्धांतों का समर्थन किया। वे स्वतंत्र विचारक, स्पष्टवादी व्यक्ति तथा सफल साहित्यिक थे। सारा यूरोप उन्हें प्रथम श्रेणी का कवि मानता था।

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]