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देवयानी खोब्रागड़े

भारतपीडिया से

साँचा:ज्ञानसन्दूक व्यक्ति देवयानी खोब्रागड़े (जन्म: 1974, मुंबई, महाराष्ट्र) अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क में नियुक्त भारतीय उप महावाणिज्य दूत रह चुकी हैं। वे 1999 बैच की आईएफएस अधिकारी हैं तथा वर्तमान में न्यूयॉर्क में ही संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में कार्यरत हैं।

प्रारंभिक जीवन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

देवयानी का जन्म 1974 में मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ। उनके पिता उत्तम खोब्रागड़े महाराष्ट्र कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के माउंट कारमेल स्कूल में हुई। बाद में उन्होने सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल मुंबई से एमबीबीएस किया। उनके अंकल डॉ॰ अजय एम गोंडाने भी 1985 बैच के एक आईएफएस अधिकारी है। विदेश सेवा में आने से पहले उनका सपना एक डॉक्टर बनने का था। उनकी छवि हमेशा महिला अधिकारों और लिंग समानता जैसे गंभीर मसलों की वकालत करने वाली महिला के तौर पर हुई है।[]

व्यक्तिगत जीवन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

देवयानी की एक प्रोफेसर से शादी हुई है, जिनसे तीन और छह वर्ष की दो बेटियां हैं। वे अंग्रेजी, हिंदी, जर्मन और मराठी भाषाएं जानती हैं। उन्हें घूमना, पढ़ना, योग, संगीत और नृत्य का शौक है। साल 2012 में वे चेवेनिंग रोल्स रॉयस साइंस एंड इनोवेशन लीडरशिप प्रोग्राम के लिए चुनी गई और इस कोर्स को पूरा किया। वे अँग्रेजी, हिंदी, जर्मन और मराठी भाषाएं जानती हैं। वे काफी समय से दलित उत्पीड़न और लिंग भेद के खिलाफ लड़ती आई हैं। वे सोशल नेटवर्किंग साईट पर बहुत ही ज्यादा सक्रिय हैं। वे अमेरिकन एक्टर, कॉमेडियन और प्रोडूसर "जिम कैर्री" के बहुत बड़ी फैन हैं।[]

करियर[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

देवयानी 1999 में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) हेतु चयनित हुई। उन्होने अमेरिका के संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के भारतीय दूतावास में जाने से पहले पाकिस्तान, इटली और जर्मनी में भारतीय मिशनों के अंतर्गत राजनीतिक विभागों को सँभाला। वे वर्तमान में अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क में नियुक्त भारतीय उप महावाणिज्य दूत हैं।[]नौकरानी से विवाद के बाद अमेरिकी बदसलूकी का शिकार हुई देवयानी का तबादला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में कर दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि देवयानी को पूरी तरह से डिप्लोमेटिक इम्युनिटी मिल सके और अमेरिकी कानूनों के मुताबिक उन्हें और ज्यादा परेशान न किया जा सके।[]

विवाद[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

साँचा:Rquote देवयानी को वीजा धोखाधड़ी और घरेलू नौकरानी का आर्थिक शोषण करने के आरोप में दिनांक 12 दिसम्बर 2013 को सार्वजनिक रूप से हथकड़ी लगाते हुये न्यूयार्क पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्होंने न्यायालय में कहा कि वह दोषी नहीं हैं। इसके बाद उन्हें ढाई लाख डॉलर के बॉन्ड पर रिहा किया गया।[]

गिरफ्तार भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे की कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने, उनकी डीएनए स्वैबिंग और पुलिस स्टेशन में सेक्स वर्करों, अपराधियों और नशेड़ियों के साथ खड़ा करने की बात जब सामने आई तो भारत सरकार ने इसका कडा विरोध किया। सख्ती बरतते हुए भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के सामने से सारे बैरिकेड हटा लेने के निर्देश दिए। भारत ने अमेरिकी दूतावास के लिए भेजे जाने वाले खाने, शराब आदि सब चीज़ों के क्लियरेंस रोक लिए हैं। साथ ही सरकार ने सारे डिप्लोमैटिक स्टाफ के एयरपोर्ट पास भी वापस ले लिये हैं। अमेरिकी कॉन्स्युलेट्स में कार्यरत भारतीय स्टाफ को दिये जाने वाले वेतन का विवरण भी मांगा गया।[]

इस मामले में भारत के कड़े ऐतराज के बाद अमेरिका के रुख में नरमी आई। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वो देवयानी मामले में गिरफ्तारी की प्रक्रिया की समीक्षा करेगा।[] इस पूरे प्रकरण में उनके वकील डेनियल एन अर्शहाक ने कहा कि अपने राजनयिक दर्जे के कारण खोब्रागड़े को मुकदमे से छूट मिली हुई है। यह पूरा अभियोजन फैसले में बेहद गंभीर भूल को दर्शाता है और यह अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की शर्मनाक असफलता है।[]

बाद में देवयानी की गिरफ्तारी और बदसलूकी मामले पर तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने खेद जताया। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन को फोन कर देवयानी मामले पर खेद प्रकट किया।[]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  1. (18 दिसम्बर 2013)."देवयानी खोब्रागड़े: डॉक्टर बनने का सपने देखते-देखते बन गई राजनयिक".दैनिक भास्कर.[१]
  2. "Devyani Khobragade - A doctor turned diplomat".IBN Live.[२]
  3. "Devyani Khobragade - A doctor turned diplomat".IBN Live.[३]
  4. "देवयानी का UN तबादला, अब मिलेगी पूरी छूट".आई बी एन खबर.[४]
  5. (18 दिसम्बर 2013)."देवयानी केस :भारत के रवैये से घबराया अमेरिका, मांगी राजनयिकों की सुरक्षा".ज़ी नियुज.[५]
  6. (17 दिसम्बर 2013)."देवयानी से दुर्व्यवहार पर उबला भारत".नवभारत टाइम्स.[६]
  7. (18 दिसम्बर 2013)."देवयानी मामला: भारत के तेवर देख नरम पड़ा यू एस".आई बी एन खबर.[७]
  8. (18 दिसम्बर 2013)."देवयानी के वकील का बयान, खोब्रागड़े को राजनयिक छूट".हिंदुस्तान लाइव.[८]
  9. (19 दिसम्बर 2013)."देवयानी से बदसलूकी पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने जताया खेद".नव भारत टाइम्स.[९]

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]