नीलम सक्सेना चंद्रा
नीलम सक्सेना चंद्रा (जन्म २७ जून, १९६९) एक प्रसिद्ध भारतीय उपन्यासकार, लेखिका, कवियित्री, गीतकार एवं बाल साहित्यकार हैं।[१] इनकी अब तक कुल २७ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। वे अंग्रेजी व हिंदी दोनों भाषाओ में लिखती हैं। वर्ष २०१४ में इन्हें प्रतिष्ठित रबिन्द्रनाथ टैगोर अन्तराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[२][३][४] फोर्ब्स इंडिया की १०० सबसे प्रभावशाली हस्तियों की सूची (२०१४ संस्करण) में इनका नाम है।[५]
जीवन परिचय[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
नीलम सक्सेना का जन्म वर्ष १९६९ में महाराष्ट्र के नागपुर शहर में माता श्रीमती शशि सक्सेना और पिता स्व. संतोष सक्सेना के यहाँ हुआ। विश्वेश्वरय्या राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नागपुर से इंजीनियरिंग के बाद इन्होनें ह्युमन रिसोर्स डेवलपमेंट तथा वित्तीय प्रबंधन में पी.जी. डिप्लोमा किया। वें भारतीय अभियांत्रिकी सेवा (IES) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात भारतीय रेल सेवा से जुड़ गई। सिमरन चंद्रा नाम की इनकी एक पुत्री है। वर्तमान मे वेें दिल्ली मे विद्यमान है।
करियर[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
नीलम सक्सेना चंद्रा को रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कहानी संग्रह ‘रिश्ते मोहब्बत के’ एवं बाल संग्रह ‘सुंदरवन की कहानियां’ के लिए प्रेमचंद पुरस्कार से नवाजा गया है। इन्हें अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित काव्य प्रतियोगिता में गुलज़ार द्वारा वर्ष २०१० में पुरस्कार प्रदान किया गया। इन्होंने गीतकार के रूप में भी कुछ गीत लिखे हैं।[६] संगीतकार शंकर टकर द्वारा निर्मित और नीलम चंद्रा द्वारा लिखे गीत ‘मेरे साजन सुन सुन’ को रेडियो सिटी फ्रीडम पुरस्कार प्राप्त हुआ।[७][८] विभिन्न विधाओ में अब तक इनकी कविताओं और कहानियों की दो दर्जन से भी अधिक पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है। दो बार लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी नाम दर्ज हैं।
प्रकाशित कृतियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
काव्य संग्रह[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- टेल्स ऑफ़ इअन (२०१५)
- ट्रांससेंडिंग हार्ट्स (२०१५)
- सैण्ड्स ऑफ़ टाइम (२०१५)
- दिल से (२०१५)
- प्रीत पाखी (२०१५)
- आशा के पंख (२०१५)
- जिंदगी के कलम से (२०१४)
- विंटर शैल फेड (२०१४)
- द पर्पल मून (२०१४)
- द डेलिकेट विंग्स (२०१४)
- लेयर्स ऑफ़ फ्लिकेरिंग लाइट्स (२०१३)
- ह्यूस ऑफ़ लव (२०१३)
- सिलवेट ऑफ़ रेफ्लेक्शन्स (२०१३)
- टाँके है कुछ सितारे (२०१५)
- बुलबुले ख्यालों के (२०१५)
कहानी संग्रह[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- प्लक आउट ऑफ़ द हार्ट (२०१५)
- कास्केट ऑफ़ स्टोरीज (२०१५)
- एस अ बिगनिंग फॉर अ बेगिनेर (२०१५)
- गीत गाता चल (२०१५)
- स्काइलाइन्स (२०१४)
- हर स्टोरी (२०१४)
- रिश्ते मोहब्बत के (२०१३)
- मैं हवा हो गयी हूँ (२०१६)
- बटरफ्लाइस ऑफ होप (२०१६)
बाल कहानी संग्रह[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- पंखुड़ियां (२०१३)
- सुंदरवन की कहानियाँ (२०११)
- चन्दा (२०१०)
- पाँच कहानियाँ (२००९)
- ताविशी के तारे (२०१५)
- तितलियों के लोक में (२०१५)
- रज्जो, रानो और सूरजमुखी (२०१६)
उपन्यास[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- कैन आई हैव दिस चांस (२०१४)
- सोल सीकर्स (२०१३)
- ट्रैचेरस लेडी (२०१२)
सम्मान/पुरस्कार[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- २०१४: रबिन्द्रनाथ टैगोर अन्तराष्ट्रीय पुरस्कार।
- भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा दो बार प्रेमचंद पुरस्कार।
- गीत ‘मेरे साजन सुन सुन’ को रेडियो सिटी फ्रीडम पुरस्कार।[९]
- २०१४: हिंदी एवं अंग्रेजी में सर्वाधिक पुस्तक प्रकाशन हेतु लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में प्रविष्टि।[१०]
- २०१४: माँ-पुत्री द्वारा पहली बार कविता संग्रह लिखने हेतु लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में प्रविष्टि।[११][१२]
- २०१५: फोब्स इंडिया की १०० सबसे प्रभावशाली हस्तियों की सूची में स्थान प्राप्त।
इन्हें भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
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- ↑ Forbes India Celebrity 100 Nominees List for 2014 साँचा:Webarchive, Forbes India, Nov 26, 2014
- ↑ Novelist:Neelam Saxena Chandra Novelist:Neelam Saxena Chandra साँचा:Webarchive, The Spark Times, January 11, 2014
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