मंजुला चेल्लूर
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न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लूर (जन्म: 5 दिसंबर 1955) मुंबई उच्च न्यायालय की पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं। वे मुंबई उच्च न्यायालय की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश हुयी हैं। उल्लेखनीय है कि इनसे पूर्व वर्ष, 1994 में सुजाता मनोहर बॉम्बे हाईकोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश नियुक्त की गयी थीं।[१]
इसके पूर्व वे कलकत्ता उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थी। वे यह पद ग्रहण करने वाली प्रथम महिला न्यायाधीश हैं। उन्हें 5 अगस्त 2014 को मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गयी। वे कलकत्ता उच्च न्यायालय की 37वीं न्यायाधीश बनीं हैं और इन्होंने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा का स्थान ग्रहण किया, जो सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त हुये हैं।[२]
प्रारंभिक जीवन एवं करियर[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
उनका जन्म 5 दिसंबर 1955 को हुआ। उन्होने बेल्लारी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की और 1977 में बैंगलौर से क़ानून की डिग्री हासिल की। फिर बेल्लारी में प्रैक्टिस करनेवाली वे पहली महिला एडवोकेट बनीं। 1988 में वे पहली ज़िला न्यायाधीश बनीं। उन्होने बैंगलौर में प्रिंसिपल जज की हैसियत से भी अपनी सेवाएँ दी। फिर वे कर्नाटक हाइकोर्ट की पहली महिला जज बनाई गईं। पहले उन्हें केरल हाईकोर्ट का प्रभारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और फिर उन्हें मुख्य न्याधीश के पद पर नियुक्ति मिली। वर्तमान में वे कलकत्ता उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश हैं।[३]