मेष
मेष (अंग्रेज़ी: Aries) राशि चक्र की पहली राशि है।[१] पाश्चात्य ज्योतिष में सूर्य सामान्यतः 21 मार्च से 19 अप्रैल के बीच इस राशि में रहता है।[१] भारतीय ज्योतिष में इसे 'मेष' या 'मेष राशि' कहा जाता है और यह अग्नि तत्व वाली चर राशि मानी जाती है, जिसका स्वामी ग्रह मंगल है।[२][३]
खगोलीय स्थिति[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
खगोल विज्ञान में मेष एक तारामंडल है जो राशि चक्र के 12 तारामंडलों में से एक है।[४] यह मीन तारामंडल के पूर्व और वृषभ तारामंडल के पश्चिम में स्थित है।[१] मेष तारामंडल को दूसरी शताब्दी के खगोलशास्त्री टॉलेमी द्वारा वर्णित 48 तारामंडलों में गिना जाता है और यह आधुनिक 88 तारामंडलों में भी शामिल है।[४] अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 1922 में इसे आधिकारिक तारामंडल के रूप में मान्यता दी और इसका तीन-अक्षरों वाला संक्षेप 'Ari' निर्धारित किया।[५]
मेष तारामंडल आकार में मध्यम है और कुल क्षेत्रफल 441 वर्ग डिग्री है, जो खगोलीय गोले का लगभग 1.1% है।[५] यह अपेक्षाकृत धुंधला तारामंडल है और इसमें केवल कुछ ही चमकीले तारे हैं।[४] इसका सबसे चमकीला तारा हमल (Alpha Arietis) है, जिसका परिमाण लगभग 2.0 है और जो पृथ्वी से लगभग 66 प्रकाश-वर्ष दूर एक नारंगी दानव तारा है।[४] दूसरा सबसे चमकीला तारा शेराटन (Beta Arietis) है जिसका परिमाण 2.6 है और दूरी लगभग 58 प्रकाश-वर्ष है।[४] मेसार्थिम (Gamma Arietis) एक द्वितारा है जिसके दो घटकों के बीच का अंतर लगभग 7.8 आर्कसेकंड है।[४]
ज्योतिषीय विवरण[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
भारतीय ज्योतिष परंपरा में मेष को पुरुष राशि, चर राशि, अग्नि तत्व वाली, सुदृढ़ अंगों वाली, चतुष्पाद (चार पैरों वाली) और रक्त वर्ण वाली राशि बताया गया है।[२] इसका स्वामी मंगल ग्रह है और यह पूर्व दिशा की द्योतक मानी जाती है।[२] शुक्ल यजुर्वेदीय ज्योतिष के अनुसार, मेष राशि क्षत्रिय वर्ण की है और इसका आकार मेष (भेड़) के समान है।[२]
ज्योतिष शास्त्र में मेष राशि के जातकों को सामान्यतः निडर, आशावादी, ऊर्जावान और नेतृत्व गुणों वाला माना जाता है।[३] अग्नि तत्व के कारण इनमें उत्साह और स्फूर्ति अधिक मानी जाती है, परंतु क्रोध और ज़िद्द पर नियंत्रण की आवश्यकता भी बताई जाती है।[३] ज्योतिषीय मत के अनुसार मेष राशि वालों की अनुकूलता कुंभ, सिंह और धनु राशि के साथ अधिक मानी जाती है।[३] यह ध्यान देने योग्य है कि ज्योतिष को वैज्ञानिक रूप से मान्यता प्राप्त नहीं है और विद्वान इसके अनुभवजन्य आधार पर प्रश्न उठाते हैं।[६]
पौराणिक कथा[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
मेष राशि का प्रतीक ग्रीक पौराणिक कथाओं में वर्णित सुनहरी ऊन वाले उस मेमने (राम) से जुड़ा है, जिसने बोईओशिया के राजा एथामास के पुत्र फ्रिक्सस और पुत्री हेले को उनकी सौतेली माँ इनो के षड्यंत्र से बचाया था।[१] फ्रिक्सस ने कोल्किस पहुँचकर उस मेमने की बलि ज़्यूस को अर्पित की और उसकी सुनहरी ऊन को एक पवित्र उपवन में लटका दिया, जिसे बाद में जेसन और आर्गोनॉट्स ने प्राप्त किया।[१] कहा जाता है कि ज़्यूस ने उस मेमने को आकाश में तारामंडल के रूप में स्थापित किया, जिसे मेष तारामंडल कहा जाता है।[१]
मेष संक्रांति[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
जब सूर्य हिंदू पंचांग के अनुसार मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करता है, तो उस दिन को 'मेष संक्रांति' कहा जाता है।[७] यह तिथि सामान्यतः अप्रैल माह के मध्य में पड़ती है।[७] भारतीय ज्योतिष और पंचांग परंपरा में मेष संक्रांति को सौर नववर्ष के आरंभ से जोड़ा जाता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ सौर पंचांग प्रचलित हैं।[७]
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ १.० १.१ १.२ १.३ १.४ १.५ "Aries". Encyclopædia Britannica. भाषा: अंग्रेज़ी. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.
- ↑ २.० २.१ २.२ २.३ "राशीनां परिचयः (मेषादिद्वादशराशयः)". Shodhganga. INFLIBNET. भाषा: संस्कृत. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.
- ↑ ३.० ३.१ ३.२ ३.३ "Aries Zodiac: मेष राशि के जातकों में होती है लीडरशिप क्वालिटी, आसानी से मनवा लेते हैं अपनी बातें". Zee News. भाषा: हिन्दी. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.
- ↑ ४.० ४.१ ४.२ ४.३ ४.४ ४.५ "Constellation: Aries". NOIRLab. National Science Foundation. भाषा: अंग्रेज़ी. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.
- ↑ ५.० ५.१ "The Constellation Aries". Universe Today. भाषा: अंग्रेज़ी. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.
- ↑ Catherine Caruso. "What are the ancient origins of your zodiac sign?". National Geographic. भाषा: अंग्रेज़ी. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.
- ↑ ७.० ७.१ ७.२ "सतुआन आज, जानिए क्यों है मेष संक्रांति पर सत्तू खाने की परंपरा". Aaj Tak. भाषा: हिन्दी. अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026.