विद्या देवी भंडारी
विद्या देवी भंडारी (साँचा:Lang-ne) नेपाल की दूसरी तथा देश के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली महिला राष्ट्रपति हैं।[१][२][३][४]वे भूतपूर्व नेपाली राजनीतिज्ञ तथा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल की नेता रह चुकी हैं। इन्हें 549 में से 327 वोट प्राप्त कर कुल बहादुर गुरुंग को हराते हुए राष्ट्रपति चुना गया। ये नेपाल रक्षा मंत्रालय में पूर्व रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं।[५][६]
प्रारंभिक जीवन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
विद्या भंडारी का जन्म 19 जून 1961 को नेपाल के भोजपुर में राम बहादुर पांडे और मिथिला पांडे के वहां हुआ था। वह कम उम्र में छात्र राजनीति में शामिल हो गयीं। ये अपने समय के एक करिश्माई और प्रभावशाली नेता के रूप में विख्यात कम्युनिस्ट नेता मदन भण्डारी की पत्नी हैं। हालांकि 1993 में एक सड़क दुर्घटना में इनके पति के असामयिक निधन के बाद ये सुर्खियों में आयीं।
विद्या 1994 और 1999 में क्रमश: तत्कालीन प्रधानमंत्री कृष्ण प्रसाद भट्टाराई और दमनाथ ढूंगना को संसदीय चुनाव में हराने के बाद दो बार चुनी गयीं।। हालांकि, 2008 में संविधान सभा चुनाव के दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वह माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व में रक्षा मंत्री पद के लिए चुनी गयीं। 2013 में दूसरी संविधान सभा के चुनावों में आनुपातिक चुनाव प्रणाली के तहत इन्हें चुना गया।[७]
राजनैतिक सफ़र[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
भंडारी ने विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति में प्रवेश किया।[८] 1994 और 1999 में संसदीय चुनावों में निर्वाचित हुईं।[९] माधव कुमार नेपाल के मंत्रिमंडल में यह रक्षा मंत्री बनीं। यह माना जाता है कि भंडारी पार्टी और प्रधानमंत्री के पी ओली की विश्वासपात्र हैं।[९]
निजी जीवन[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
इनका विवाह नेपाल के साम्यवादी दल के महासचिव व वामपंथी नेता मदन भंडारी से हुआ था।[१०] मदन भंडारी की सड़क -दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। [९]
महिला राष्ट्रपति[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
नयाबानेश्वर, काठमांडू में संसदीय सभा द्वारा विद्या,214 के मुक़ाबले 327 मतों से विजयी होकर नेपाल के इतिहास में प्रथम महिला राष्ट्रपति निर्वाचित हुईं। नवनिर्वाचित संसद के 597 में से सिर्फ़ 549 सदस्यों ने ही मताधिकार का प्रयोग किया जबकि 48 अनुपस्थित रहे। कुल पड़े 549 मतों में से 8 को अवैध घोषित किया गया।[९] सत्ताधारी सीपीएम-यूएमएल के अलावा विद्या को राष्ट्रीय प्रजातंत्र दल, यूसीपीएन (माओवादी), मधेशी जनाधिकार फ़ोरम लोकतांत्रिक समेत कई अन्य दलों ने समर्थन दिया जबकि विपक्षी नेपाली कांग्रेस के कुल बहादुर गुरुंग इतना समर्थन नहीं जुटा सके।
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ साँचा:वेब सन्दर्भ
- ↑ "विद्यादेवी भण्डारी प्रथम महिला राष्ट्रपति".नागरिक न्यूज़'.[१]
- ↑ "विद्यादेवी भण्डारी नेपालको पहिलो महिला राष्ट्रपति".ताजा खबर'.[२]
- ↑ "एमाले नेतृ विद्यादेवी भण्डारी राष्ट्रपतिमा विजयी".विज'.[३]
- ↑ "Nepali Times | The Brief » Blog Archive » Enemies within".nepalitimes.com.[४]
- ↑ "Related News | Bidya Bhandari | ekantipur.com".ekantipur.com.[५]
- ↑ "Women of Nepal".wwj.org.np.[६]
- ↑ (२८-१०-२०१५). "नेपाल की पहली महिला राष्ट्रपति चुनी गईं भंडारी". दैनिक जागरण. [७]
- ↑ ९.० ९.१ ९.२ ९.३ (२८-१०-२०१५). "Bidya Devi Bhandari elected first woman President of Nepal". काठमांडू पोस्ट. [८]
- ↑ "संग्रहीत प्रति".[९]Retrieved 29 अक्तूबर 2015.
बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
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