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विनिमय

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विनिमय का अर्थ है किसी वस्तु के बदले किसी दूसरी वस्तु का आदान-प्रदान करना। जब हम किसी वस्तु के बदले दूसरी वास्तु देते या प्राप्त करते हैं तो वह विनिमय कार्य कहलाता हैं। विनिमय को दो वर्गों में विभाजित किया गया हैं।

  1. क्रय विनिमय- जब हम कोई वस्तु खरीदते हैं तो उसके बदले में जो भी मूल्य देते हैं, क्रय विनिमय कहलाता है।
  2. विक्रय विनिमय - जब हम कोई वस्तु बेचते हैं और इसके बदले मे जो मूल्य प्राप्त करते हैं, विक्रय विनिमय कहलाता है।

विनिमय अर्थशास्त्र विषय की विषय सामग्री है।

विनिमय के प्रकार[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

मौद्रिक दृष्टि से विनिमय के दो प्रकार हो सकते हैं :-

  1. वस्तु विनिमय - जब हम किसी वस्तु के बदले दूसरी वस्तु प्राप्त करते या देते हैं, वस्तु विनिमय कहलाता है। जैसे : दो बोरी गेहूं के बदले एक गाय प्राप्त करना, आदि।
  2. मुद्रा विनिमय - जब हम किसी वस्तु के बदले मुद्रा प्राप्त करते हैं या देते हैं, मुद्रा विनिमय कहलाता है। जैसे : १०० किलो गेहूं के बदले १००० रूपए प्राप्त करना, आदि।

इन्हें भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

विनिमय दर मुद्रा अर्थशास्त्र