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इस विकि पर "ऋषि मुनि" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- राग-द्वेष-रहित संतों, साधुओं और ऋषियों को '''मुनि''' कहा गया है। मुनियों को यति, तपस्वी, भिक्षु और श्रमण भी कहा जाता है। [[श्रीमद्भगवद्गीता|भगवद् ...३ KB (८ शब्द) - ०१:३८, १२ मार्च २०२०
- ५२२ बाइट (२ शब्द) - १५:४६, १२ मार्च २०१३
- ...के 765 मन्त्र हैं। अथर्ववेद में भी भारद्वाज के 23 मन्त्र मिलते हैं। वैदिक ऋषियों में भारद्वाज-ऋषि का अति उच्च स्थान है। भारद्वाज के पिता बृहस्पति और माता ...४ KB (२६ शब्द) - ०८:३३, १६ जून २०२०
- ...रूप में अवतीर्ण हुए। [[युद्ध]] में इन्होंने इंद्र को परास्त किया और उन्हें ऋषियों के हाथ बेच दिया (बृहद्देवता 4,126, 131)। ये सारी कथाएँ प्रतीकात्मक तथा र ...३ KB (४ शब्द) - ००:४७, ३ सितम्बर २०२०
- ...alien)|language=अंग्रेज़ी}}</ref> ऐसा मालूम होता है कि वे सामवेद के रचयिता ऋषियों में से एक थे और सामवेद के गायन व उच्चारण में प्रवीण थे। इस बात का उल्लेख ...२ KB (४६ शब्द) - २१:४९, १७ नवम्बर २०१८
- ९ KB (१५ शब्द) - १७:१०, २६ अगस्त २०२१
- ५ KB (३३ शब्द) - १६:०५, ९ फ़रवरी २०२१
- ...के पश्चात् अयोध्या लौटे तो उनसे मिलने कई ऋषि-मुनि आये। पश्चिम दिशा से आये मुनियों में धौम्य भी थे। द्वारकाधीश भगवान् कृष्ण कुरुक्षेत्र युद्ध के संदर्भ में ...१३ KB (२१ शब्द) - २२:२६, ७ मार्च २०२०
- ...विचारने के लिए मंत्री तथा प्रजा के प्रतिनिधि वन को गए। वहाँ बड़े-बड़े ऋषि-मुनियों के दर्शन किए। राजा की उत्तम कामना की पूर्ति के लिए किसी श्रेष्ठ तपस्वी म ...१२ KB (२३ शब्द) - ००:५४, १९ अगस्त २०२१
- ३ KB (३९ शब्द) - ०८:२८, १३ दिसम्बर २०२०
- ९ KB (६४ शब्द) - १२:४४, २९ नवम्बर २०२०
- ५ KB (४२ शब्द) - २३:१०, ४ अगस्त २०२१
- ...द्वारा ऋषियों का उपहास किया। अत: उनके शाप से वह कानी हो गयी। कश्यप ने पुन: ऋषियों को किसी प्रकार प्रसन्न किया। उनके कथनानुसार गंगा स्नान से उसने पुन: पुर् ...१६ KB (३५ शब्द) - २१:२१, ५ अगस्त २०२१
- वैदिक काल और वर्तमान समय के सभी ऋषियों ने इसका अनुसरण करने को कहा है ...९ KB (८७ शब्द) - १४:१२, ७ अगस्त २०२१
- ७ KB (५३ शब्द) - ११:५९, २८ अगस्त २०२०
- १३ KB (१६४ शब्द) - १२:५०, ४ जुलाई २०२१
- # ऋषियों को सात्वततंत्र, जिसे कि [[नारद पंचरात्र]] भी कहते हैं और जिसमें कर्म बन् ...१६ KB (४८ शब्द) - १६:२६, २० अगस्त २०२१
- १५ KB (३४ शब्द) - ०६:४४, १६ जून २०२०
- ...हैं। उनमें प्रथम प्रवृत्त होकर साधक किस प्रकार निवृत्ति पथ का अनुसरण करे? ऋषियों के इस प्रश्न के समाधानार्थ उन्हें साथ लेकर ब्रह्माजी [[क्षीर सागर|क्षीरस ...३४ KB (११७ शब्द) - १२:४७, ५ दिसम्बर २०२०
- * ८ - [[रावण]] द्वारा दंडकारण्य के ऋषियों का रक्त जमा करना और उससे सीता का जन्म, लोकलाज के भय से [[मन्दोदरी|मंदोदर कथानक इसका सचमुच अद्भुत है। राज्याभिषेक होने के उपरांत मुनिगण [[राम]] के शौर्य की प्रशस्ति गाने लगे तो [[सीता]] जी मुस्कुरा उठीं। हँसने ...६ KB (२४ शब्द) - १६:४४, ४ मई २०२१