खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "धर्म और आस्था प्रवेशद्वार" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
पृष्ठ शीर्षक मिलान
- ...गुरु ग्रन्थ साहिब|गुरु ग्रंथ साहिब]] तथा [[दसम ग्रंथ|दसम ग्रन्थ]] हैं। सिख धर्म में इनके धार्मिक स्थल को [[गुरुद्वारा]] कहते हैं। आमतौर पर सिखों के दस सतग ...एक-ओंकार]] कहते हैं। उनका मानना है कि ईश्वर अकाल और निरंकार है। '''''[[सिख धर्म | अधिक पढ़ें…]]''''' ...४ KB (१४ शब्द) - १४:५२, ३१ जनवरी २०२१
- ...x; text-align: center; font-size:190%; line-height:170%;">प्रवेशद्वार:धर्म और आस्था</div> {{Shortcut-l|प्र:धर्म}}[[File:16 religionist symbols.png| right| 150px]] ...११ KB (४२४ शब्द) - १४:४६, १८ मार्च २०२१
- <categorytree>धर्म</categorytree> [[Category:धर्म और आस्था प्रवेशद्वार]] ...१९० बाइट (१२ शब्द) - १७:३८, ३१ जनवरी २०२१
- ९२० बाइट (४१ शब्द) - ०३:३२, ९ फ़रवरी २०२१
- २५२ बाइट (११ शब्द) - ०३:२३, २ फ़रवरी २०२१
- ...3 विक्रमी तदनुसार 22 दिसंबर (दिसम्बर) 1666- मृत्यु 7 अक्टूबर 1708 ) [[सिख धर्म|सिखों]] के [[सिखों के दस गुरू|दसवें गुरु]] थे। उनके पिता [[गुरु तेग़ बहादुर ...या उनके सहयोगियों (जैसे, शिवालिक पहाडियों के राजा) के साथ 14 युद्ध लड़े। [[धर्म]] के लिए समस्त परिवार का बलिदान उन्होंने किया, जिसके लिए उन्हें 'सरबंसदानी' ...४ KB (१६ शब्द) - १७:०९, ३१ जनवरी २०२१
पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान
- <categorytree>धर्म</categorytree> [[Category:धर्म और आस्था प्रवेशद्वार]] ...१९० बाइट (१२ शब्द) - १७:३८, ३१ जनवरी २०२१
- ...वेशवादीयों के साथ आमना-सामना होने पर विकसित हुए कुछ धर्मों को कहते हैं। ये धर्म इस आस्था पर आधारित हैं कि कुछ धार्मिक अनुष्ठान करने से उनके द्वीप पर नौभार {{धर्म आधार}} ...९४२ बाइट (९ शब्द) - १९:०४, १३ मई २०१६
- ...x; text-align: center; font-size:190%; line-height:170%;">प्रवेशद्वार:धर्म और आस्था</div> {{Shortcut-l|प्र:धर्म}}[[File:16 religionist symbols.png| right| 150px]] ...११ KB (४२४ शब्द) - १४:४६, १८ मार्च २०२१
- ...खने वाले मानते हैं कि उनका चर्च 50 ईस्वी का है। इसे उस समय बनाया गया था जब धर्म प्रचारक मार्क मिस्र आए थे। चर्च के प्रमुख को पोप कहा जाता है और उन्हें प्रचारक मार्क का उत्तराधिकारी माना ...३ KB (३४ शब्द) - ११:५१, १६ जून २०२०
- ...जीववाद|सर्वात्मवाद]] के गहरे तत्व हैं और बहुत सी [[हिन्दू धर्म]] व [[बौद्ध धर्म]] की अवधारणाएँ भी हैं। सुन्दा विवितान के धार्मिक ग्रन्थ का नाम "संघयांग सिक [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] ...२ KB (४४ शब्द) - १७:३८, ४ मार्च २०२०
- ...के रूप में किया जा सकता है। ये मुख्य रूप से भारतीय [[पंजाब]], [[राजस्थान]] और [[हरियाणा]], [[हिमाचल]], [[जम्मू]] में रहते हैं। ...गोबिंद सिंह ने उन्हें [[खालसा]] (सिख आस्था) में भर्ती कराया, उन्हें मजहबी और रंगरेटे ("वफादार") नाम दिया ।<ref>{{Cite web|url=https://m.punjab.punjabkes ...२ KB (३४ शब्द) - ००:३९, १६ जून २०२१
- ...शिष्यों' में होने लगी। किंतु कालांतर में वह बुद्ध के प्रतिद्वंद्वी हो गया और उसने [[अजातशत्रु]] से मिलकर बुद्ध के प्राणघात के लिए कई षड्यंत्र किए। उसने [[श्रेणी:बौद्ध धर्म]] ...२ KB (४ शब्द) - १२:४८, १५ अगस्त २०२१
- ...्या]] लगभग १५ लाख है। सराक संस्कृत के शब्द श्रावक का अपभ्रंश रूप है। [[जैन धर्म|जैनधर्म]] में आस्था रखने वाले श्रद्धालु को [[श्रावक]] कहते है। सराक जैनधर्म ...रन्थ साधुयों का साथ न मिलने के कारण वे जैन समाज की मूलधारा से कटकर आदिवासी और जनजाति की श्रेणी में आ गए l ...३ KB (९ शब्द) - १०:१३, २ मार्च २०२०
- ===धर्म=== ===बौद्ध धर्म=== ...२ KB (२४ शब्द) - १५:०२, ७ मार्च २०२०
- ...आलन्दी]] से [[पंढरपुर]] की यात्रा पर निकला एक वारकरी। इनके कन्धे पर एकतारी और हाथ में चिपल्या है।]] [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] ...२ KB (५४ शब्द) - १२:४९, २८ जून २०२१
- ...्दिष्ट कर सकता था, हालांकि प्राथमिक तौर पर (या कम से कम शुरुआत में) [[मानी धर्म]] के अनुयायी को संकेतित करता"।<ref name="Zaman1997">{{citation|last=Zaman|f ...२ KB (९९ शब्द) - ०३:००, १५ जून २०२०
- '''बरगद''' बहुवर्षीय विशाल वृक्ष है। इसे 'वट' और 'बड़' भी कहते हैं। यह एक स्थलीय [[द्विबीजपत्री]] एंव [[सपुष्पक पौधा|सपुष्पक [[हिन्दू धर्म|हिंदू धर्म]] में वट वृक्ष की बहुत महत्ता है। ब्रह्मा, विष्णु, महेश की त्रिमूर्ति की तर ...४ KB (८५ शब्द) - १०:२९, २७ अगस्त २०२१
- ...लमान का मतलब उसे लिया जाता है जो हज़रत मुहम्मद लाए हुए दीन का पालन करता हो और विश्वास रखता हो। मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारों ने भारत को हिन्द अथवा [[हिन् == मुख्य इस्लामी धर्म == ...६ KB (२८८ शब्द) - ११:०६, २० अगस्त २०२१
- ...्मवाद का दर्शन मुख्यतया आदिवासी समाजों में पाया जाता है परन्तु यह [[शिन्तो धर्म|शिन्तो]] एवं [[हिन्दू|हिन्दुओं]] के कुछ सम्प्रदायों में भी पाया जाता है। ...जीवात्मा नामवाले एक अभौतिक तत्व या शक्ति का अस्तित्व स्वीकार किया जाता है और उसे न केवल बुद्धिजीवी प्राणियों के बौद्धिक जीवन का अपितु शारीरिक अथवा भौतिक ...१० KB (१०१ शब्द) - ०३:१९, १५ जून २०२०
- ...पूर्ण एवं ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए आस्तिक व्यक्ति ईश्वर-भक्ति करते हैं और भिन्न-भिन्न स्थानों की तीर्थ यात्रा करते हैं! ...य के शरीर जैसा आकार लेते हैं जिसमें उनके हाथ में [[त्रिशूल]], गले में सांप और हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में होता है। ...६ KB (१२४ शब्द) - ०१:५६, ४ अक्टूबर २०२०
- | data32 = [[इब्राहीमी धर्म]] ...ी रचना लगभग 1000 ई.पू. में अनेक परंपराओं के आधार पर हुई थी। इसमें संस्कृति और रीति-रिवाजों का जो वर्णन है वह हम्मुराबी (लि. 1728-1686 ई.पू.) से बहुत कुछ ...६ KB (१७४ शब्द) - २३:०७, १३ सितम्बर २०२०
- {{हिन्दू धर्म सूचना मंजूषा}} ...है। समुद्र मंथन की कथा बहुत प्रसिद्ध है। समुद्र जीवन और तमाम दिव्य रत्नों और उपलब्धियों का स्रोत है। ...७ KB (१० शब्द) - २३:०१, १५ फ़रवरी २०१३
- ...को ईश्वर और रक्षक के रूप में स्वीकार करते हैं और अतः एक ईश्वर, पिता, पुत्र और धार्मिक आत्मा को सामूहिक रूप से महिमामंडित करने के लिये प्रयत्नशील हैं। तद् ...केन्द्रीय समिति में सभा द्वारा चुने गए 150 सदस्य होते हैं सभा की नीतियों और निर्णयों को लागू ...९ KB (४५ शब्द) - १५:४७, ६ मार्च २०२०
- ...[नेपाल]] एवं [[भारत]] के आमजनमानस में बड़ी आस्था हैं। इस मन्दिर में हिन्दू धर्मावलंबी के महान त्योहार [[नवरात्र]] में भक्तजनों की बड़ी तादाद में उपस्थिति र [[श्रेणी:हिन्दू धर्म]] ...५ KB (१९६ शब्द) - १८:४१, १५ जून २०२०
- ...न्नमस्ता भगवती मनोकामना पूर्ण कनेवाली शक्तिपीठो में से एक पीठ माना जाता है और [[नेपाल]] एबं [[भारत]] के बिहार के जनता के लिये बड़ा आस्था का केन्द्र माना ...ल सफा करते समय मिला भगवती मूर्ति को वो अपनी कुलदेवी के रूपमें स्थापना किया और अपने नाम से देवी के नाम शक्रेश्वरी रखा था। देवी के शीर नहीं होने के बजह से ...५ KB (२१३ शब्द) - ०२:२७, १५ जून २०२०