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- ...त संबंधी कई नाटक हैं जिनमें कुछ तो नाटक के साहित्यिक नियमानुसार हैं और कुछ केवल संवाद रूप में होने के कारण नाटक कहे गए हैं। इसी पिछली पद्धति पर संवत 1667 :''आदिपुरुष बरनौं केहिभाँती । चाँद सुरज तहँ दिवस न राती॥ ...५ KB (१२४ शब्द) - ०५:०६, १२ मार्च २०२१
- ...ी लेस्या उक्राइन्का (1871-1913) और कवि कोत्स्यूबिंस्की (1864-1913) ने अपनी कविताओं में उक्रेनी जनता के क्रांतिकारी संघर्ष का चित्रण किया। ...तिचीना, मैक्सीम रिलस्की, मिकोला वज़्हान, अंद्रै मलिश्को, सोस्यूरा आदि अपनी कविताओं में मजदूरों और किसानों के जीवन का चित्रण करते तथा विश्वशांति के लिए संघ ...११ KB (२१२ शब्द) - १८:०४, १५ जून २०२०
- कवियत्रि निर्मला जोशी ...६ KB (१०१ शब्द) - ०२:२३, २३ सितम्बर २०२०
- | alma_mater = सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई (बीए)<br />केसी लॉ कॉलेज (एलएलबी) ...]] में पढ़ाई के दौरान आदित्य का [[अंग्रेज़ी भाषा|अंग्रेजी]] में एक [[काव्य|कविता]] संग्रह 'माई थॉट इन ब्लैक ऐंड व्हाइट' प्रकाशित हुआ था।{{cn}} ...६ KB (१७४ शब्द) - ०१:१८, १७ सितम्बर २०२०
- ...तरेय, कौषीतकि, तैत्तिरीय, छान्दोग्य, बृहदारण्यक, केन<br />'''मध्यकालीन:''' केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य<br />'''सांख्य एवं योग पर अधारित ...८ KB (२८८ शब्द) - १०:२७, १६ जून २०२०
- ...का ज़बरदस्त प्रभाव पड़ा है। इन संतों में प्रमुख कबीरदास थे। अन्य मुख्य संत-कवियों के नाम हैं - नानक, रैदास, दादूदयाल, सुंदरदास तथा मलूकदास। ...करने में समर्थ सिद्ध होती है। भक्ति आत्म-साक्षात्कार नहीं करा सकती, वह केवल आत्म साक्षात्कार के लिए उचित भूमिका का निर्माण कर सकती है। संतों ने अपन ...७ KB (१२ शब्द) - ००:२५, १५ दिसम्बर २०२०
- ...(1822-93) ख्याति ‘द सेंट लारेंस ऐंड द सैग्विने हेस्परस’ और ऑवर नालैंड नामक कविताओं पर आधारित है। कैनाडा का एकमात्र उत्कृष्ट नाटक चार्ल्स हेवीसेज (1816-76) ...राय: सभी प्रमुख कवियों ने प्रकृति का चित्रण किया ; उन पर अंग्रेजी रोमांटिक कवियोंा स्पष्ट प्रभाव है। आइजावेला वैलेन्सी क्रॉफर्ड (1850-87), चार्ल्स जी0 डी0 ...१७ KB (११२ शब्द) - १०:२८, ६ मई २०२१
- [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] महाकवियों में '''बाण भट्ट''' का विशिष्ट महत्त्व है। उत्कृष्ट गद्यकाव्यकार के रूप म ...११ KB (३ शब्द) - १४:५७, २ जून २०२१
- | विधा = कविता |publisher= [[इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र]] ...२४ KB (७९८ शब्द) - १७:४७, ३ मई २०२१
- ९ KB (७० शब्द) - २१:२७, ७ अगस्त २०२१
- ...ायक रामचंद्र और रसिक भक्तों ने सौंदर्य माधुर्यादि दिव्य गुणों से विभूषित साकेतविहारी 'युगल सरकार' का व्यंजक बताया किंतु निर्गुणमार्गी संतों ने उसे योगियो ...१६ KB (३३ शब्द) - ०८:००, ३ मार्च २०२०
- ...ो स्वयं शुद्धाद्वैत के मर्मज्ञ थे। वे संस्कृत के उद्भट विद्वान् व युगपुरुष कविशिरोमणि [[भट्ट मथुरानाथ शास्त्री]] के अग्रज थे। ...पद भी स्वीकार किया। वे मुम्बई में सन् 1930 तक रहे। इस प्रवास के दौरान वे न केवल [[पुष्टिमार्गीय वैष्णव सम्प्रदाय|पुष्टिमार्गीय सम्प्रदाय]] के मर्मज्ञ व ...२३ KB (६९ शब्द) - २१:१७, १८ फ़रवरी २०२१
- ...स्काना प्रांत की, विशेषकर फ्लोरेंस की बोली (फियोरेंतीबो) रही है। यह लातीनी केअधिक समीप कही जा सकती है। कंठ्य का महाप्राण उच्चारण इसकी प्रमुख विशेषता है-य ...ं के मिलते हैं। ये कविताएँ सिसिली की बोली में रची गई होंगी। श्रृंगार ही इन कविताओं का प्रधान विषय है। पिएर देल्ला विन्या, याकोपो द अक्वीनो आदि अनेक पद्यरच ...१८ KB (१०५ शब्द) - १९:२७, २३ जून २०२१
- == कविताएँ == ...२६ KB (७४२ शब्द) - ११:१७, २७ अगस्त २०२१
- 'साथी! खोल त झ्याल, आलु बखड़ा हॉगा हँसाई फुल्यो!' - केवल प्रथम पंक्ति (हे मित्र, खोल दो खिड़की (और देखो) आलू बुखारा डालियों में (ग | [[सांकेतिक भाषा]]|| 4,476 ||0.01689407 ...४७ KB (३१६ शब्द) - १०:०६, ६ मई २०२१
- ...क की समीक्षात्मक कसौटी का आकलन है और भरत का [[नाट्य शास्त्र|नाट्यशास्त्र]] केवल रूपक या दृश्यकाव्य की ही समीक्षा के सिद्धान्त प्रस्तुत करता है। भारत और प ...त हुआ और दूसरी ओर अर्थ की समीक्षा करने पर "ध्वनि" के सिद्धान्त का स्पष्ट संकेत मिला। इसलिए रस, ध्वनि, गुण आदि काव्यतत्वों का प्रतिपादक होने पर भी, अलंकार ...६२ KB (२८६ शब्द) - १०:२४, ६ मई २०२१
- १३ KB (३७३ शब्द) - १४:२८, ५ जुलाई २०२१
- ...के प्रथमार्ध में रहे। उन्होंने सिखाया कि भगवान राम सर्वोच्च भगवान हैं और केवल उनके प्रति प्रेम और समर्पण के माध्यम से तथा उनके पवित्र नाम को बार-बार उ ...मुस्लिम चुनौती के समक्ष हिन्दुओं में मुल्की जोश जगाने में नाकाम रहा। भक्त कवियों के गाये भजनों ने हिन्दुओं के पौरुष और बल को खत्म कर दिया। ...४३ KB (१६० शब्द) - १०:०३, १४ जुलाई २०२१
- | language = hi}}</ref> इसका केन्द्र [[अयोध्या]] है। अयोध्या [[लखनऊ]] से १२० किमी की दूरी पर पूर्व में है। ...्राचीन रूपों पर आश्रित हैं (होइबाउ भवितव्यम्)। अवधी की पश्चिमी बोलियों में केवल उत्तमपुरुष बहुवचन के रूप तव्यतांत रूपों पर निर्भर हैं। शेष ब्रज की तरह प् ...३३ KB (३३६ शब्द) - २२:२१, ११ अगस्त २०२१
- ...ान|अफगानिस्तान]] दोनों के लिए प्रयोग किया है। फारसी, आर्य भाषाओं की पूर्वी शाखाओं से संबंध रखती है। इसके प्राचीनतम नमूने पारसियों की धार्मिक पुस्तक [[अवेस् ...की भी उन्नति होने लगी। सामानी युग से भी पहले कुछ कवि ईरान में हुए पर उनकी कविताएँ बहुत कम प्राप्त हैं। इसलिए हम उन्हें छोड़कर फारसी साहित्य का आरंभ सामान ...७७ KB (१२२ शब्द) - १०:०९, ६ मई २०२१