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- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...२ KB (२७ शब्द) - ०५:०९, ६ मार्च २०२०
- '''सुभाष मुखोपाध्याय''' एक [[बाङ्ला भाषा|बांग्ला]] साहित्यकार हैं। इन्हें [[१९९१|1991]] में [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]] से सम्मानित किया गया था [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...३ KB (२३ शब्द) - ०८:२३, ४ जून २०२०
- | प्रमुख कृति = प्रख्यात कवि और साहित्यकार | occupation = [[कबि]], [[साहित्यकार ]] ...४ KB (८२ शब्द) - २१:१८, १६ जुलाई २०२०
- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...४ KB (१७ शब्द) - १७:०८, २ सितम्बर २०१८
- '''अमर गोस्वामी''' (28 नवम्बर, 1945 - 28 जून, 2012) [[हिन्दी]] के प्रसिद्ध साहित्यकार तथा उपन्यासकार थे। वे 'मनोरमा' और 'गंगा' जैसी देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं स ...novelist-Hindi-Amar-Goswami-news-hindi-india-79513.html हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार तथा उपन्यासकार अमर गोस्वामी की याद में] ...२ KB (२० शब्द) - ०६:००, १६ जून २०२०
- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...५ KB (४० शब्द) - ०६:३३, १५ जून २०२०
- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...४ KB (१६ शब्द) - ०३:४३, ५ मार्च २०२०
- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...५ KB (४९ शब्द) - ०८:१६, १६ जून २०२०
- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...६ KB (६६ शब्द) - २३:५६, १५ जून २०२०
- [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...६ KB (५२ शब्द) - १०:४८, १५ जून २०२०
- ...है। उन्होने कहानीलेखन की एक नयी भाषा को जन्म दिया जो [[बिहार]] के रहनेवाले बांग्लाभाषी बोला करते हैं। सुबिमल बसाक ने [[हिन्दी]] से बहुत सारे उपन्यास [[अनुवाद] [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...८ KB (५० शब्द) - ०१:१६, १६ जून २०२०
- ...shna Dhal,25 मार्च 1941 – 9 अगस्त 2016), [[उड़िया]] भाषा के [[पत्रकार]], [[साहित्यकार]] एवं [[स्तंभकार]] थे। उन्होंने 19 पुस्तकों की रचना की। उनकी प्रसिद्ध कृतिय [[श्रेणी:साहित्यकार]] ...५ KB (२०३ शब्द) - १५:००, ३ अक्टूबर २०२०
- ...यों का प्रेरणास्रोत बन गया था। [[रवीन्द्रनाथ ठाकुर]] के पूर्ववर्ती बांग्ला साहित्यकारों में उनका अन्यतम स्थान है। ...हित्य में जनमानस तक पैठ बनाने वालों मे शायद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय पहले साहित्यकार थे। ...१३ KB (१६० शब्द) - ०२:२०, २४ अगस्त २०२१
- ...देश के रूढीवादी समाज, धर्म और सैन्य-शासन के खिलाफ हैं। [[तसलीमा नसरीन]] को बांग्लादेश ने केवल देश-निकाला करके बाहर भेज दिया था, परन्तु हुमायुन आजादको पहले धमक ...ादेशी समाज के अन्दरूनी अन्धकार को लोगों के सामने लाकर उस पर आलोक डालने का। बांग्लादेशमें व्यक्ति, खासकर औरतों के हाल पर उनके टिप्पणियों को रूढीवादीयों में उनक ...९ KB (८२ शब्द) - २०:१६, ९ नवम्बर २०२०
- ...ा जन्म बंगाल के जेस्सोर जिले के सागादरी नाम के गाँव मे हुआ था। अब यह जगह [[बांग्लादेश]] मे है। इनके पिता राजनारायण दत्त [[कोलकाता|कलकत्ते]] के प्रसिद्ध वकील थ [[श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार]] ...६ KB (११ शब्द) - १५:१६, ८ मार्च २०२०
- ...बलबूते अपने व्यक्तित्व को निखारा। उन्होंने अपने को एक पत्रकारीका, लेखिका, साहित्यकारीका और आंदोलनधर्मी के रूप में विकसित किया। {{भारतीय महिला साहित्यकार}} ...१४ KB (१९६ शब्द) - १६:१२, १५ जून २०२०
- | occupation = हिन्दी साहित्यकार, आलोचक तथा नाटककार '''डॉ॰ प्रभाकर श्रोत्रिय''' (जन्म १९ दिसम्बर १९३८) [[हिन्दी]] साहित्यकार, आलोचक तथा नाटककार हैं। हिंदी आलोचना में प्रभाकर श्रोत्रिय एक महत्वपूर्ण ना ...११ KB (२३६ शब्द) - १०:५०, १५ जून २०२०
- [[श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार]] [[श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार]] ...१३ KB (७६० शब्द) - १४:३३, २३ जून २०२१
- ...], [[1890]] - [[29 मई]], [[1977]]) [[भारत]] के जानेमाने [[भाषाविद्]] तथा [[साहित्यकार]] थे। वे एक लोकप्रिय कला-प्रेमी भी थे। ...१७ KB (१,०६३ शब्द) - ०८:५०, १८ अगस्त २०२१
- | कार्यक्षेत्र = साहित्यकार ...की तर्कपूर्ण व्याख्या उनकी लेखन-शैली के विशेष गुण हैं। मूलरूप से विचारक और साहित्यकार होने के कारण उनकी अभिव्यक्ति की अपनी शैली थी, जिसे वह हिंदी-गुजराती, [[मराठ ...१९ KB (२४६ शब्द) - २०:००, २५ जुलाई २०२१