खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "भारतीय शास्त्रीय संगीत" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...रीय संगीत|हिंदुस्तानी संगीत]] पद्धति के विद्बान और [[कर्नाटक संगीत|कर्णाटक संगीत]] पद्धति के विद्वान दोनों ही शामिल हैं। संगीतज्ञ कहलाते हैं। ये [[गायक]], [ [[श्रेणी:संगीत]] ...८६७ बाइट (० शब्द) - १५:१४, ३ मार्च २०२०
- ...ं। किन्तु वृहद अर्थ में छठी शताब्दी से वर्तमान काल तक के परम्परागत यूरोपीय संगीत का नाम 'क्लासिकल म्युजिक' है। *[[शास्त्रीय संगीत| भारतीय शास्त्रीय संगीत]] ...८७१ बाइट (७ शब्द) - १०:०१, २० नवम्बर २०१७
- | genre = [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] ...ाने]] से हैं। इनकी माता श्रीमती [[मोगुबाई कुर्डीकर]] भी इसी घराने की मशहूर शास्त्रीय गायिका थीं।। इनको[पद्म विभूषण]] से सम्मनित किया गया है। ...३ KB (१४० शब्द) - ११:०६, १६ जून २०२०
- ...ज्ञ परिवार मे हुआ था। उनकी माता रत्ना श्रीकांत संगीत की अध्यापक और कर्नाटक संगीत की गायिका थी। == संगीत प्रशिक्षण == ...४ KB (६८ शब्द) - १६:०२, १९ अगस्त २०२०
- |Genre=[[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] - खयाल |Occupation=[[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिन्दुस्तानी]] शास्त्रीय गायक| ...५ KB (३५ शब्द) - १०:२५, १९ मई २०२१
- ...सिसी]] लोग भारत-पाकिस्तान क्षेत्र में लाए जहाँ यह सीखने की आसानी और भारतीय संगीत के लिए अनुकूल होने की वजह से जड़ पकड़ गया। हारमोनियम मुख्यतः तीन प्रकार के हारमोनियम [[भारतीय शास्त्रीय संगीत]] का अभिन्न हिस्सा है। हारमोनियम को सरल शब्दों में "पेटी बाजा" भी कहा जाता ...४ KB (२४ शब्द) - १५:३४, ५ जुलाई २०२१
- {{संगीत}} [[चित्र:De Koninklijke Muzikanten.JPG|right|thumb|300px|हिन्दुस्तानी संगीत सभा का दुर्लभ चित्र]] ...१४ KB (३६४ शब्द) - ०८:४६, ११ सितम्बर २०२०
- | Genre = शास्त्रीय संगीत, पाश्वगायिकी '''के. जे. येसुदास एक प्रसिद्ध [[कर्नाटक संगीत]] गायक है ...४ KB (६७ शब्द) - ०७:२२, ४ जून २०२०
- '''किराना घराना''' [[शास्त्रीय संगीत|भारतीय शास्त्रीय संगीत]] और गायन की [[हिंदुस्तानी ख़याल गायकी]] की परंपरा को वहन करने वाले हिंदुस् ...का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। उस्ताद करीम खाँ [[कर्नाटक संगीत|कर्णाटक संगीत]] शैली में भी पारंगत थे। इनका [[मैसूर दरबार]] से गहरा संबंध था। ...४ KB (९१ शब्द) - ११:०३, १६ जून २०२०
- ...'''तंजावूर बृंदा''' ([[१९१२|1912-]][[१९९६|1996]]) [[कर्नाटक संगीत|कर्णाटक संगीत]] के वीणा धन्नम्माल शैली की सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि मानी जाती हैं। आप न केवल ...द, मोहनीय और [[गमक]]युक्त संगीत तथा नैना पिल्लै के स्फूर्तिमान और लयपूर्वक संगीत को सराहनीय ढंग से अपने गायन में सम्मिश्रित किया। ...४ KB (४४ शब्द) - ०५:०१, १५ जून २०२०
- {{भारतीय संगीत}} ...का होता है (उसके चढ़ाव-उतार का, शब्द और अर्थ का नहीं)। इसको जहाँ शास्त्रीय संगीत-ध्वनि विषयक साधना के अभ्यस्त कान ही समझ सकते हैं, अनभ्यस्त कान भी शब्दों का ...१३ KB (१२२ शब्द) - २३:४६, ४ जुलाई २०२१
- ...ा है। बारहवीं सदी के पूर्वार्द्ध में लिखे सात अध्यायों वाले इस ग्रंथ में [[संगीत]] व [[नृत्य]] का विस्तार से वर्णन है। ...ागविवेकाध्याय, प्रकीर्णकाध्याय, प्रबन्धाध्याय, तालाध्याय तथा वाद्याध्याय [[संगीत]] और वाद्ययंत्रों के बारे में हैं। इसका अन्तिम (सातवाँ) अध्याय 'नर्तनाध्याय ...७ KB (१४० शब्द) - १५:१२, ५ अप्रैल २०२१
- ...पंडित बुद्धदेव दासगुप्ता, पंडित चंद्र नाथ शास्त्री के तबला वादन के साथ, एक संगीत कार्यक्रम में, कलकत्ता, 1987 | nationality = भारतीय ...५ KB (१८६ शब्द) - ०८:५०, १५ जून २०२०
- |genre = [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत]] |occupation = [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिन्दुस्तानी]] शास्त्रीय गायक ...६ KB (१७० शब्द) - ०४:३७, १५ जून २०२०
- ...्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें ‘बंगभूषण अवार्ड’ से सम्मानित किया था। वे आइटीसी संगीत रिसर्च अकादमी [[कोलकाता]] में पढ़ाते भी थे।<ref name=hindu>{{cite web|title * [[भारतीय संगीत]] ...३ KB (१०५ शब्द) - ०६:२९, १६ जून २०२०
- ...। [[भरत मुनि|भरतकृत]] '[[नाट्य शास्त्र|नाट्यशास्त्र]]' के समान यह ग्रंथ भी संगीत के विकास में बहुत महत्त्वपूर्ण है। मतंग मुनि ने इस ग्रंथ में देशी रागों का ...ृहद्देशी|मतंग]] प्रमुख हैं। समकालीन अन्य परम्पराओं के तुलनात्मक विवेचन में संगीत-शास्त्र के सिद्धान्तों की बृहत चर्चा के साथ मतंग का यह कथन कि जाति-गायन, गी ...६ KB (८५ शब्द) - १३:०८, १५ जून २०२०
- ...=live }}</ref> उन्हें मध्य प्रदेश सरकार द्वारा "तानसेन सम्मान" दिया गया। [[संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार]] से वे सम्मानित किए गए। उन्हें भारत सरकार द्वारा 2012 [[श्रेणी:संगीत]] ...३ KB (८० शब्द) - १६:४४, ३० अगस्त २०२०
- ...तहत अपने 7 ग्रेड पूरा किया। उन्होंने यह भी मिस आयरीन टैट के संरक्षण के तहत शास्त्रीय पियानो का अध्ययन किया। ...२ KB (३० शब्द) - २१:०६, १५ जून २०२०
- ...न]]}}</ref> एक सितार वादक और संगीतज्ञ थे। उन्होंने विश्व के कई मह्त्वपूर्ण संगीत उत्सवों में हिस्सा लिया है। उनके युवा वर्ष यूरोप और भारत में अपने भाई [[उदय रविशंकर ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उस्ताद अल्लाऊद्दीन खाँ से प्राप्त की। अपने भाई उदय शंकर के नृत्य ...६ KB (७५ शब्द) - ०२:५१, ४ जनवरी २०२१
- | occupation = शास्त्रीय संगीतकार | known for = [[हिन्दुस्तानी संगीत]] ...७ KB (३४० शब्द) - २१:०९, १५ जून २०२०