खोज परिणाम
दिखावट
इस विकि पर "राजस्थान का इतिहास" नाम का पृष्ठ बनाएँ! खोज परिणाम भी देखें।
- ...}}</ref> जो [[भारत]] के [[राजस्थान]] और [[हरियाणा]] प्रान्त में मिलते हैं। राजस्थान में चूरु, सीकर, झुन्झुनूं, जयपुर, हनुमानगढ, जोधपुर जिलों में मिलते हैं। हर == इतिहास == ...३ KB (३२ शब्द) - १३:२४, २७ मई २०२१
- ...अभिषेक वर्त्तमान में राजस्थान पत्रिका जयपुर में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। === [[श्रेणी:भारतीय कार्टूनिस्ट|तिवारी, अभिषेक]] ...२ KB (४ शब्द) - ०९:१७, ४ मार्च २०२०
- [[चित्र:SteacieLibrary.jpg|अंगूठाकार|लैइब्ररी]] ...ाशन दिल्ली ISBN 978-0-391-02358-1]</ref>। पंडित रेऊ लिखित ''[[मारवाड़]] का इतिहास'' सुप्रसिद्ध है<ref>[[दशरथ शर्मा]] (१९७०) ''लेक्चर्स ऑन राजपूत हिस्टरी एंड ...६ KB (१६२ शब्द) - १२:५१, १५ जून २०२०
- [[चित्र :Mahakavya Ishwar vilas.jpg|thumb|320px। महाकाव्य ईश्वर विलास।]] == जयपुर पर इतिहास-सामग्री का ग्रन्थ == ...८ KB (३९४ शब्द) - ०८:०४, १६ जून २०२०
- ...] और [[राजस्थान]] की सीमा पर किसी स्थान पर हुआ था। अरब सेना ने सिन्ध पर अधिकार कर लिया किन्तु उनको सिन्ध नदी के पश्चिमी क्षेत्र तक रुकने के लिये मजबूर हो राजस्थान का युद्ध (या युद्ध की श्रृंखला), 738 ए.डी. में तत्कालीन सिंध-राजस्थान की सीमा पर हुआ । इस युद्ध में, राजपूत गठबंधन गठबंधन ने अरब आक्रमणकारियों क ...७ KB (१७ शब्द) - १८:४०, ९ फ़रवरी २०२१
- जन्म: 01 मई 1952, जन्म स्थान ग्राम [[वामनवास]], ज़िला [[सवाई माधोपुर]], [[राजस्थान]]। ...हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया ) में हरि राम मीणा जी ने अपने निजी परसों से मानगढ़ की इतिहासिक घटना को जगह दिलाई |18 नवम्बर के जनसत्ता आखबार में मानगढ़ पर हरि राम मीणा ...७ KB (१९ शब्द) - १५:२८, ३० नवम्बर २०२०
- ...अहसास होता है। ये कार्यक्रम अधिकांशतः ऐतिहासिक स्थलों पर उस स्थल विशेष के इतिहास की कहानी को जीवंत कर दर्शाने के लिए आयोजित होते हैं। ये स्थानीय भाषा, राजभा == भारत में ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम == ...२ KB (१६ शब्द) - ०५:१३, ३ मार्च २०२०
- ...न्हे पकड़ने के लिए उतेजित हो गयी शेखावाटी ब्रिगेड के साथ ही सीकर, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर की सेनाएं इनके खिलाफ सक्रिय हो गयी वि॰सं॰1895 में झदवासा गावं के ...साहसिक कार्य से अंग्रेज सत्ता स्तब्ध रह बौखला गयी और इन वीरों को पकड़ हेतु राजस्थान के राजाओं को सक्त आदेश भेज दिए। ...१० KB (२३ शब्द) - ०४:४२, १५ जून २०२०
- == इतिहास == [[चित्र:Shyamji krishna varma.jpg|right|thumb|250px|क्रान्तिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा (इण्डिया हाउस के संस्थापक)]] ...८ KB (२१७ शब्द) - ०७:४४, १६ जून २०२०
- | regions = [[राजस्थान]], [[भारत]]{{·}}[[सिंध]], [[पाकिस्तान]] '''मांगणियार''' और संबंधित लंगा [[राजस्थान]] के रेगिस्तान के [[मुसलमान|मुस्लिम]] समुदाय हैं जो कि भारत के [[बाड़मेर]] ...५ KB (१८० शब्द) - ०९:०९, १० अगस्त २०२०
- |birth_place = [[चूरू|चूरु]], [[राजस्थान]] ...न्द (१९८४) साहित्य़स्रष्टा श्री विद्याधर शास्त्री, प्रकाशक: गनु प्रकाशन, बीकानेर पृष्ठ १०</ref>। ...२९ KB (७१४ शब्द) - ०६:०८, १५ जून २०२०
- ...सम्बन्धी अनेक पुस्तकें लिखी थी। [[कविराज श्यामलदास]] ने इनको [[उदयपुर]] के इतिहास विभाग में नियुक्त किया था। ओझाजी कविराज श्यामलदास को अपना गुरु मानते थे। 17 ...न हाईस्कूल' से मेट्रिक्यूलेशन की परीक्षा उत्तीर्ण की। रोगग्रस्त हो जाने के कारण वे इन्टरमीडिएट की परीक्षा न दे सके और गांव लौट आये। ...२२ KB (७३८ शब्द) - ०८:१३, १७ मार्च २०२१
- ...चना लिखवाते थे। सन १९४५ से 1979 तक इनकी रचनाएँ देश की विभिन्न संस्कृत पत्रिकाओं में छपती रहीं। ...थे जिनके प्रथम अक्षरों से किसी का नाम या कोई वाक्य बन जाये। आशुकवि होने के कारण संस्कृत सम्मेलनों में वे ऐसी प्रशस्तियां मिनटों में पद्यबद्ध करके सुना दि ...१७ KB (२०५ शब्द) - ०१:०९, १५ जून २०२०
- ...है। श्रीनाथजी को मुख्य रूप से [[भक्ति योग]] के अनुयायियों और [[गुजरात]] और राजस्थान में वैष्णव और भाटिया एवं अन्य लोगों द्वारा पूजा जाता है।<ref>[http://www.et ...ारा में श्रीनाथजी की पूजा को संस्थागत रूप दिया। श्रीनाथजी की लोकप्रियता के कारण, नाथद्वारा शहर को 'श्रीनाथजी' के नाम से जाना जाता है। लोग इसे बावा की (श् ...१३ KB (२८२ शब्द) - १८:३७, १५ मार्च २०२१
- ...ें खण्डेला के राजा बने। उल्लेखनीय है कि राजा रायसल के निधन कब कहाँ हुआ, यह इतिहास में रहस्य बना हुआ है लेकिन [[जहाँगीर नामा|जहाँगीरनामा]] के उल्लेख, केसरी सि ...्ते में रहकर युद्ध लड़े थे। माना जाता है कि अनेक युद्धों में उनकी वीरता के कारण ही विजय हासिल हुई थी। ...७ KB (५ शब्द) - ०५:४२, ३ मार्च २०२०
- == इतिहास == ...दिया के नेत्रत्व में मेवाड़ की सेना मंडोर पर आक्रमण कर मारवाड़ राज्य पर अधिकार जमा लिया। अपने पिता के निधन के साथ ही राव जोधा का पेत्रक राज्य भी हाथ से ...१० KB (२०५ शब्द) - १२:२१, ११ जुलाई २०२१
- |birth_place = [[जोधपुर]], राजस्थान, भारत ...ायुक्त संस्थाओं का जनक माना जाता है। डॉ॰ सिंघवी संयुक्त राष्ट्र संघ मानवाधिकार अधिवेशन और राष्ट्रकुल (कॉमनवेल्थ) विधिक सहायता महासम्मेलन के अध्यक्ष, विशे ...१० KB (२१० शब्द) - २०:०९, १५ जून २०२०
- [[भारत]] में [[मापन]] का इतिहास बहुत पुराना है। वर्तमान में भारत में [[अन्तरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली|मापन क ...pg|right|thumb|300px|प्राचीन भारत में '''रत्ती''' द्रव्यमान (भार) मापने के काम आती थी, तथा द्रव्यमान की ईकाइ भी थी]] ...६ KB (४५८ शब्द) - १५:२२, १६ दिसम्बर २०२०
- ...ीयुग]] या क्रिटेशस युग के पश्चात् हो गया। यूरोप में खटीयुग के बाद भौमिकीय इतिहास में एक विषम विन्यास (Unconformity) आता है, जिससे यह विदित होता है कि इस युग ...ता जमा ली और मध्यजीव महाकल्प के भूमध्यसागर का अंत हो गया। इस प्रकार भौमकीय इतिहास में तृतीय कल्प का विशेष स्थान है, क्योंकि इसी युग में भारत की वर्तमान सीमाओ ...८ KB (१९ शब्द) - १५:१६, ६ जून २०१७
- ...एँ|अंगूठाकार|238x238पिक्सेल| काष्ठा संघ के [[भट्टारक|भट्टारकों]] द्वारा नक्काशी करके बनायी गयीं जैन मूर्तियाँ ([[ग्वालियर]])]] ...ंघ [[मूल संघ]] की एक शाखा माना जाता है। कहा जाता है कि इस संघ की उत्पत्ति 'काष्ठा' नामक नगर से हुई थी। [[दिल्ली]] क्षेत्र के कई ग्रन्थों एवं शिलालेखों मे ...५ KB (१०५ शब्द) - १०:५८, १६ जून २०२०