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पृष्ठ शीर्षक मिलान

  • ;संस्कृत साहित्य में वर्णित कुछ यन्त्रों के नाम त्र (यन्त्र) (संस्कृत) (जिसका शाब्दिक अर्थ होता है “मशीन, कॉन्ट्रैक्शन”) वास्तव में एक रहस्यमय आक ...
    १८ KB (४९२ शब्द) - १०:१८, ६ मई २०२१
  • ...300px|[[बिहार]] या [[नेपाल]] से प्राप्त [[देवीमाहात्म्य]] की यह पाण्डुलिपि संस्कृत की सबसे प्राचीन सुरक्षित बची पाण्डुलिपि है। (११वीं शताब्दी की)]] ...सी न किसी रूप में संस्कृत का अध्ययन अध्यापन अब तक होता चल रहा है। [[भारतीय संस्कृति]] और विचारधारा का माध्यम होकर भी यह भाषा अनेक दृष्टियों से [[धर्मनिरपेक्ष] ...
    ४५ KB (८६० शब्द) - २२:२४, २७ अगस्त २०२१
  • ...है। '''कथासाहित्य''' से संबद्ध ग्रंथों के आलोचन से स्पष्ट हो जाता है कि [[संस्कृत साहित्य]] में तीनों प्रकार की कहानियों के उदाहरण मिलते हैं जो वर्तमान समय म ...माध्यम से होकर जनता के मनोरंजन तथा शिक्षण के निमित्त [[संस्कृत भाषा|लौकिक संस्कृत]] साहित्य में अवतीर्ण हुई। ...
    २७ KB (५२ शब्द) - ०९:५६, १६ जून २०२०
  • ...i/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%A4 बीजगणित (संस्कृत विकिस्रोत)] [[श्रेणी:संस्कृत ग्रन्थ]] ...
    ४ KB (६६ शब्द) - १२:५६, १५ जून २०२०
  • [[श्रेणी:संस्कृत]] ...
    ३ KB (५२ शब्द) - १९:५९, १६ अगस्त २०२१
  • ...चुके थे जिनमें केवल आपिशलि और काशकृत्स्न के कुछ सूत्र आज उपलब्ध हैं। किंतु संस्कृत व्याकरण का क्रमबद्ध इतिहास पाणिनि से आरंभ होता है। ...ार्त्तिक की रचना की। बाद में महामुनि [[पतंजलि]] ने [[महाभाष्य]] की रचना कर संस्कृत व्याकरण को पूर्णता प्रदान की। इन्हीं तीनों आचार्यों को 'त्रिमुनि' के नाम से ...
    ३२ KB (२९८ शब्द) - २१:२४, २२ मार्च २०२१
  • [[भारत]] तथा के [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] [[विश्वविद्यालय|विश्वविद्यालयों]] की सूची नीचे दी गयी है- | align=left |[[सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय]] ...
    ५ KB (२२० शब्द) - २२:४६, १५ अगस्त २०२१
  • ...कृत में लिखे हैं। बहुत से ग्रन्थ काल के गाल में समा गये किन्तु उसके बावजूद संस्कृत में रचित बौद्ध गर्न्थ विपुल मात्रा में मिलते हैं। ==संस्कृत में रचित कुछ प्रमुख बौद्धग्रन्थ== ...
    ८ KB (४२९ शब्द) - १७:२४, ४ मार्च २०२०
  • ...ी भरता हुआ जनस्वास्थ्य और लोकस्वास्थ्य का उपकारक बनता है। यह निश्चित है कि संस्कृत साहित्य तथा हिंदी साहित्य में इस हास्यरस के महत्त्व के अनुपात से इसके उत्तम == संस्कृत में हास्य साहित्य == ...
    ५८ KB (५१ शब्द) - १०:३४, ६ मई २०२१

पृष्ठ के टेक्स्ट में मिलान

  • [[भारत]] तथा के [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] [[विश्वविद्यालय|विश्वविद्यालयों]] की सूची नीचे दी गयी है- | align=left |[[सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय]] ...
    ५ KB (२२० शब्द) - २२:४६, १५ अगस्त २०२१
  • ...की व्युत्पत्ति [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] से मानी जाती है, और [[भारत]] का [[संस्कृत साहित्य]], 1500 से [[ईसा]] पूर्व के बीच लिखा गया है। ...
    ९०२ बाइट (२ शब्द) - २१:३९, २१ अप्रैल २०१९
  • '''सहस्रनाम/सहस्त्रनाम''' (शाब्दिक अर्थ - हजार नाम) [[संस्कृत साहित्य]] में एक प्रकार का [[स्तोत्र]] रचना होती है जिसमें किसी [[देवता]] क [[श्रेणी:संस्कृत साहित्य]] ...
    ७७२ बाइट (३ शब्द) - ०९:०३, १७ दिसम्बर २०२०
  • '''शारदातिलक''' एक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] ग्रन्थ है जिसमें [[गणेश|गणपति]], [[शिव]], [[विष्णु]], तथा [[शक्ति]] आदि अ ...
    ७८२ बाइट (२ शब्द) - ०७:१९, ३ मार्च २०२०
  • [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] और [[पालि भाषा|पालि]] में '''बुद्धरूप''' शब्द का उपयोग जीवों की उन मूर्ति ...
    ७३० बाइट (७ शब्द) - १५:५२, २ मार्च २०२०
  • ...में पूर्णतः दीक्षित मठवासियों स्त्रियों को '''भिक्षुणी''' ([[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]) या '''भिख्क्खुनी''' ([[पालि भाषा|पालि]]) कहते हैं। भिक्षु और भिक्षुणी [[ ...
    ७५२ बाइट (१० शब्द) - ०९:२१, ३ मार्च २०२०
  • ...ा टीकाग्रंथ है। इसके रचयता, [[जिनसेन|आचार्य जिनसेन]] है। यह [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] मिश्रित [[शौरसेनी]] प्राकृत भाषाबद्ध है। इसमें प्राचीन भारतीय गणित के दर् ...
    ८३४ बाइट (२ शब्द) - २२:३२, ३ मार्च २०२०
  • हिन्दूओं के धर्मग्रंथ मुख्यतः संस्कृत में हैं। बाद के काल में आधुनिक भारतीय भाषाओं में भी अनेक धर्मग्रन्थों की रच ==अन्य प्राचीन संस्कृत ग्रंथ== ...
    ३ KB (२ शब्द) - २३:०१, १४ अगस्त २०२१
  • '''लघुपाराशरी''' [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] श्लोकों में रचित लघु ग्रन्थ है। इसे 'जातकचन्द्रिका' भी कहते हैं। यह [[विं ...0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%80 लघुपाराशरी] (संस्कृत विकिस्रोत) ...
    २ KB (७१ शब्द) - २०:१३, १५ जून २०२०
  • ...तम बुद्ध|महात्मा बुद्ध]] के सिर पर स्थित अण्डाकार संरचना को [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] में '''उष्णीष''' कहते हैं। ...
    ६८४ बाइट (१९ शब्द) - १४:३९, ५ अप्रैल २०२०
  • '''धम्मचारी''' ([[पालि भाषा|पालि]]) या '''धर्मचारी''' ([[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]) का शाब्दिक अर्थ है, 'धम्म ([[धर्म]]) का आचरण करने वाला'। [[थेरवाद|थेरावा ...
    १,००६ बाइट (१० शब्द) - १५:४६, १६ मार्च २०२०
  • == संस्कृत साहित्य में == संस्कृत साहित्य में प्रतिष्ठा के संबंध में रामायण, महाभारत आदि महाख्यानों से लेकर न ...
    २ KB (४ शब्द) - ०३:३७, ३ फ़रवरी २०१७
  • ...आशीर्वाद कहते हैं।<ref>{{cite book |last=आप्टे |first= वामन शिवराम|title= संस्कृत हिन्दी कोश|year= 1969 |publisher= मोतीलाल बनारसीदास|location= [[दिल्ली]], [ [[श्रेणी:संस्कृति]] ...
    १ KB (१५ शब्द) - १५:०९, २३ जून २०२१
  • ...ण के पक्षधर एवं विचारक थे। उन्होने '[[शब्दकल्पद्रुम]]' नामक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के आधुनिक महा[[शब्दकोश]] की रचना की। श्री राधाकान्त देव गोपीमोहन देव के प ...नित हुए थे। ये सम्मान उनको उनकी रचना शब्दकल्पद्रुम के लिए प्राप्त हुआ था। संस्कृत, फारसी और अरबी के जानकर राधाकान्त शिक्षा के प्रचार प्रसार के पक्षधर थे। [[ब ...
    ३ KB (३५ शब्द) - १८:५५, १५ जून २०२०
  • ...पारिभाषिक कोश]] (Glossary) है। इसमें [[२८५|285]] अध्यायों में लगभग नौ हजार संस्कृत शब्दों का तुल्य तिब्बती शब्द दिये गये हैं। बौद्ध सम्प्रदाय के पारिभाषिक शब् महाव्युत्पत्ति का निर्माण संस्कृत के बौद्ध धर्मग्रन्थों का [[तिब्बती भाषा]] में अनुवाद करने में सुविधा प्रदान ...
    ४ KB (११९ शब्द) - १५:२९, ६ मई २०२१
  • ...प्रयोग होता है। जावा भाषा पर डच और मलय भाषाओं का भी प्रभाव पड़ा है किन्तु संस्कृत जितना बिलकुल नहीं। ...
    ३ KB (२४ शब्द) - ००:०४, ४ मार्च २०२०
  • == संस्कृत की कहानियाँ == ...
    २ KB (४ शब्द) - १५:०३, २२ जनवरी २०२१
  • ...नभाग''' [[भारतीय ज्योतिष]] में [[अयन]] (precession) के लिये [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] शब्द है। सायन और निरयण का अन्तर अयनांश कहलाता है। ...
    १ KB (४८ शब्द) - ०६:११, १६ जून २०२०
  • ...n<sup>2</sup>|kanji=禅|romaji=Zen|hangul=선|hanja=禪|rr=Seon|vie=Thiền|lang11=संस्कृत|lang11_content=dhyāna|order=st}} 'चान' शब्द, [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के '[[ध्यान]]' शब्द का विकृत रूप है। ...
    १ KB (६४ शब्द) - १५:१५, ५ मार्च २०२०
  • '''कर्पूरमंजरी''' [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के प्रसिद्ध नाटककार एवं काव्यमीमांसक [[राजशेखर]] द्वारा रचित [[प्राकृत]] ...यदर्पण]] के अनुसार सट्टक आदि से अंत तक प्राकृत भाषा में रचित होता है, न कि संस्कृत नाटकों के समान जिसमें केवल कुछ पात्र ही प्राकृत भाषा में रचित होता है। उसमे ...
    ५ KB (४७ शब्द) - १०:२३, १६ जून २०२०
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