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- अर्थात् मन्त्रार्थ का विचार परम्परागत अर्थ के श्रवण अथवा तर्क से निरूपित होता है। क्योंकि - ...४ KB (३२ शब्द) - १७:२२, ३ मार्च २०२०
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- ...मिलती है। अपने प्रमाण के लिए ये ग्रन्थ श्रुति को ही आदर्श बताते हैं हिन्दू परम्पराओं के अनुसार इस मान्यता का कारण यह है कि ‘श्रुति’ ब्रह्मा द्वारा निर्मित है, ...७ KB (१२ शब्द) - ११:५१, २१ मई २०२१
- ७ KB (६३ शब्द) - २१:३२, १ मार्च २०२०
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- ...ए नहीं। स्मृति से अभिप्राय है वेदविदों की स्मरण शक्ति में पड़ी उन रूढ़ि और परम्पराओं से जिनका उल्लेख वैदिक साहित्य में नहीं किया गया है तथा शील से अभिप्राय है ...वित था, अब लिखित रूप में सामने आईं। अतएव शिष्टों की स्मृतियों से संकलित इन परम्पराओं के पुस्तकीकृत स्वरूप का नाम स्मृति रखा गया। पीछे चलकर स्मृति का क्षेत्र व ...१४ KB (३६ शब्द) - ११:५१, २१ मई २०२१
- ७ KB (१४ शब्द) - २१:३३, १० अप्रैल २०१९
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