सल्फर डाइऑक्साइड
साँचा:स्रोतहीन साँचा:Chembox सल्फर डाइऑक्साइड (Sulfur dioxide) एक रासायनिक यौगिक है। इसका रासायनिक सूत्र है। यह तीव्र गंधयुक्त, एक तीक्ष्ण विषैली गैस है, जो कई तरह की औद्योगिक प्रक्रियाओं में तथा ज्वालामुखियों द्वारा छोड़ी जाती है। यह एक रंगहीन गैस होती है।
सल्फर डाई ऑक्साइड का ज्यादातर कारखानों आदि में कोयला या तेल जैसी चीजों को जलाने से निर्माण होता है इस गैस का उपयोग बड़े बड़े जहाजो तथा कई डीजल साधन सल्फर ईंधन के जलने से चलते है इनसे भी हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड बनती है। जब इस गैस पर दाब आरोपित किया जाता है तो यह गैस द्रव रूप में बदलने लगती है
निर्माण[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
प्रयोगशाला विधि[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
प्रयोगशाला में सल्फर डाइऑक्साइड बनाने के लिए काॅपर धातु की छीलन को सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करके बनायी जाती है
रासायनिक गुण[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
1.आक्सीकरण :- यह सल्फर से क्रिया करके जल बनाती है
2.अपचायक :- यह क्लोरीन का HCl के साथ अप चयन करके देती है।
उपयोग[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- सल्फर डाई ऑक्साइड के द्रव रूप का प्रशीतक के रूप में काम मे लिया जाता है।
- इसके उपयोग विरंजक के रूप में पेपर उद्योग और ऊन, रेशम की वस्तुओं में किया जाता है ।
- सल्फ्यूरिक अम्ल के विरचन के रूप में इसका उपयोग किया जाता है ।
- पेट्रोलियम व शर्करा के शोधन में इसका उपयोग किया जाता है।
- ऑक्सीकारक के रूप में।
- अपचायक के रूप मे।
- कीटाणु नाशक के रूप में।
- चीनी उघोग में।
दुनिया के सर्वाधिक 5 सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जक देश[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- नॉरिलस्क स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स (रूस)
- क्रिएल (दक्षिण अफ्रीका)
- जाग्रोज (ईरान)
- राबिघ (सऊदी अरब)
- सिंगरौली (भारत)