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अनुजा चौहान

भारतपीडिया से

साँचा:ज्ञानसन्दूक व्यक्ति

अनुजा चौहान (जन्म 1970; मेरठ, उत्तर प्रदेश) लेखिकाउपन्यासकार हैं और विज्ञापन लिखने में उन्होंने खूब नाम कमाया है।[][] १९९३ में उन्होंने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एडवरटाइजिंग कंपनी जेडब्ल्यूटी ज्वाइन किया था, जिससे उन्होंने इसी साल इस्तीफा दे दिया। पेप्सी कोका कोला के लिए ‘ये दिल मांगे मोर’, ‘मेरा नंबर कब आएगा’, ‘नथिंग ऑफिशियल एबाउट इट’, ओए बब्ली, माउंटेन ड्यू के लिए ‘डर के आगे जीत है’, कुरकुरे के लिए ‘टेढ़ा है पर मेरा है’ जैसे शानदार स्लोगन उनके ही दिए हुए हैं। अनुजा चौहान ने द जोया फैक्टर[] और बैटिल फॉर बिटोरा जैसी बेस्टसेलर किताबें भी लिखी हैं।[]

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

अनुजा चौहान मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्‍वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक हैं। बाद में आर.एम.आई। टी. विश्वविद्यालय से मास मीडिया भी किया।[] मेरठ में जन्मी अनुजा के बचपन का अधिकांश हिस्सा उत्तर भारत के विभिन्न केंटोनमेंट शहरों में बीता।[] उनकी बड़ी बहन नंदिनी बाजपाई भी एक लेखिका हैं।[] उनके पिता भारतीय सेना में थे। चार बहनों में सबसे छोटी अनुजा के अपने तीन बच्चे हैं- नीहारिका मार्गेट्र, नयनतारा वायलेट और दैविक जॉन।[]

कैरियर[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

अनुजा रचनात्मक क्षेत्र में मुकाम हासिल करना चाहती थीं, इसलिए इकोनॉमिक्स के बाद मास कॉम किया। 1993 में उन्हें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एडवरटाइजिंग कंपनी जेडब्ल्यूटी ने काम पर रखा। उन्होंने भारतीय बाजार के लिए कई एड तैयार किए। पेप्सी कोला इंडिया के लिए ‘ये दिल मांगे मोर’, ‘मेरा नंबर कब आएगा’, ‘नथिंग ऑफिशियल एबाउट इट’, माउंटेन डयू के लिए ‘डर के आगे जीत है’, कुरकुरे के लिए ‘टेढ़ा है पर मेरा है’ आदि स्लोगन[] इनके ही दिए हुए हैं।[][]

2003 में 33 साल की उम्र में वे सबसे कम उम्र की वाइस प्रेसीडेंट व एक्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर बनीं। लेकिन अनुजा अभिव्यक्ति की पूरी आजादी चाहती थीं। 2006 में उन्होंने एक नॉवेल पर काम शुरू किया, जिसका नाम रखा ‘जोया फैक्टर’। हार्पर कॉलिंस द्वारा प्रकाशित इस किताब को बाजार में खूब सराहना मिली। 2008 व 2009 में उन्हें कई अवॉर्ड मिले। शाहरुख खान की रेड चिलीज एंटरटेनमेंट ने उनकी किताब के अधिकार खरीद लिए। अनुजा ने 2010 में एड करियर छोड़ लेखनी को समय देना शुरू कर दिया। उनकी दूसरी किताब ‘बैटल फॉर बिटोरा’ भी काफी चर्चित रही।[][१०] उनकी उपलब्धियां सिर्फ विज्ञापन और लेखन तक सीमित नहीं हैं, वे अपने बच्चों के साथ पूरा समय बिताती हैं। उन्होंने अपनी ऊर्जा को सही जगह पर लगाना और कम महत्त्वपूर्ण चीजों को जाने देना सीख लिया है।

कृतियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]


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  1. १.० १.१ १.२ १.३ Fire works Archived 21 जुलाई 2011 at Web Archive Woman, इंडिया टुडे, मार्च 2010.
  2. (अक्टूबर 12, 2010). "Politics of Passion". Indian Express. [१]
  3. (मार्च 6, 2009)."इंडिया टुडे Woman Summit & Awards 2009".[२]Retrieved 16 जून 2020.
  4. (दिसम्बर 21, 2009)."Booking A Story: Bollywood is now dipping into desi bestsellers for inspiration".[३]Retrieved 27 जुलाई 2014.
  5. Venkatraman, Janane(8 जुलाई 2013). "Band, Bajaa, Books?". '. [४]Retrieved 27 जुलाई 2014.
  6. "'Failure helps you keep your feet on the ground'".रीडिफ.कॉम.[५]
  7. Anuja Chauhan, Elvis Sequeira quit JWT Archived 25 मई 2015 at Web Archive Indiantelevision.com Team, 17 अगस्त 2010.
  8. Anuja Chauhan Archived 16 जुलाई 2011 at Web Archive Creativerankings.
  9. (Aug 2010). "Anuja Chauhan puts in papers at JWT". Economic Times. [६]Retrieved 27 जुलाई 2014.
  10. (जुलाई 5, 2008). "Maiden Over". Indian Express. [७]Retrieved 27 जुलाई 2014.