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  • खड़िया साहित्याकाश के मूर्धन्य साहित्यकार नुअस केरकेट्टा का जन्म सिमडेगा के कोबांग गाँव में 19 नवंबर 1907 ई. को हुआ थ * पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार: वंदना टेटे (सं), प्यारा करेकेट्टा फाउंडेशन, रांची 2012 ...
    २ KB (३ शब्द) - ०८:४७, २८ जनवरी २०१७
  • [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]] ...
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  • [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] ...
    २ KB (११३ शब्द) - ०७:४१, १६ जून २०२०
  • * पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार: वंदना टेटे (सं), प्यारा करेकेट्टा फाउंडेशन, रांची 2012 [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] ...
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  • [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]] ...
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  • [[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय आदिवासी महिला साहित्यकार]] ...
    ४ KB (८५ शब्द) - ०१:२४, १६ जून २०२०
  • ओत् गुरु कोल '''लाको बोदरा''' [[हो भाषा]] के साहित्यकार थे। हो भाषा-साहित्य में ओत् गुरु कोल "लाको बोदरा" का वही स्थान है जो [[संता * पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार: वंदना टेटे (सं), प्यारा करेकेट्टा फाउंडेशन, रांची 2012 ...
    ४ KB (१४ शब्द) - २२:२८, २० जुलाई २०२१
  • [[श्रेणी: साहित्यकार]] [[श्रेणी:मगही साहित्यकार]] ...
    १० KB (४२३ शब्द) - ०६:४३, १६ जून २०२०
  • | कार्यक्षेत्र = साहित्यकार [[श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत अंग्रेज़ी भाषा के साहित्यकार]] ...
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  • ...ं 1947 में रांची से प्रकाशित ‘आदिवासी’ पत्रिका में छपी। सुप्रसिद्ध आदिवासी साहित्यकार [[वंदना टेटे]] ने आपकी कहानियों को ढूंढ निकाला जिसे 2015 में ‘एलिस एक्का की ...ी जिसमें आदिवासियों की रचनाएं छपा करती थीं। अथक श्रम और शोध के बाद आदिवासी साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी [[वंदना टेटे]] ने उनकी अनेक कहानियां और दूसरी रचनाएं खोज न ...
    १९ KB (२८७ शब्द) - ११:४८, २० अगस्त २०२१
  • [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] [[श्रेणी:भारतीय महिला साहित्यकार]] ...
    २० KB (३८१ शब्द) - १०:४१, ३० अक्टूबर २०२०
  • [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] ...
    ९ KB (२०५ शब्द) - २३:०८, १ मई २०२०
  • ...mu पियो जिरिमू] ने प्रस्तुत की थी जिसे दुनिया के अधिकांश आदिवासी लेखकों और साहित्यकारों ने स्वीकार किया। इनमें अफ्रीका के [https://web.archive.org/web/2015010303 दूसरी अवधारणा उन आदिवासी लेखकों और साहित्यकारों की है जो जन्मना और स्वानुभूति के आधार पर आदिवासियों द्वारा लिखे गए साहित् ...
    २४ KB (३४० शब्द) - १६:३३, २८ जून २०२१
  • ...9), ‘झारखंड एक अंतहीन समरगाथा’ (2010) ‘असुर सिरिंग’ (2010), ‘पुरखा झारखंडी साहित्यकार और नये साक्षात्कार’ ( 2012), ‘आदिम राग’ (2013), ‘आदिवासी साहित्यः परंपरा और ...ी, रांची में प्रबंधक पद पर कार्यरत है। [[झारखंड आंदोलन]] के संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार, पत्रकार, नाट्यकर्मी और फिल्मकार अश्विनी कुमार पंकज से 1992 में उन्होंने प् ...
    ३८ KB (४९३ शब्द) - ११:०१, ६ मई २०२१
  • '''गीताश्री''' पत्रकार एवं साहित्यकार हैं।<ref>{{Cite web |url=http://www.hindisamay.com/contentDetail.aspx?id=11 ...
    ५ KB (२०५ शब्द) - २३:२६, २९ अगस्त २०२०
  • ...बलबूते अपने व्यक्तित्व को निखारा। उन्होंने अपने को एक पत्रकारीका, लेखिका, साहित्यकारीका और आंदोलनधर्मी के रूप में विकसित किया। {{भारतीय महिला साहित्यकार}} ...
    १४ KB (१९६ शब्द) - १६:१२, १५ जून २०२०
  • ...फ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के भाषाविद्, समाजशास्त्री और आदिवासी बुद्धिजीवी और साहित्यकार थे, बल्कि वे एक अप्रतिम आदिवासी कलाकार भी थे। उन्होंने मुंडारी, नागपुरी, पं [[श्रेणी: आदिवासी साहित्यकार]] ...
    २१ KB (२८४ शब्द) - १७:००, ५ अगस्त २०२१
  • [[श्रेणी:आदिवासी साहित्यकार]] ...
    ९ KB (३२५ शब्द) - १४:०७, ५ जुलाई २०२१
  • श्री हरि राम मीणा सेवा निवृत आईजीपी पुलिस एवं साहित्यकार का योगदान भुलाया नहीं जा सकता हरी राम जी छायावादी कवि है 1990 से काव्य सृजन ...
    ७ KB (१९ शब्द) - १५:२८, ३० नवम्बर २०२०
  • [[श्रेणी:साहित्यकार]] ...
    १४ KB (२२४ शब्द) - ०५:४६, १ जुलाई २०२१
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