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  • यह दो संस्कृत अक्षरों के मेल से बना है: जय और जिनेन्द्र। : '''जय''' शब्द [[केवली|जिनेन्द्र भगवान]] के गुणों की प्रशंसा के लिए उपयोग किया जाता है। ...
    ३ KB (१३५ शब्द) - १३:०१, २१ जून २०२१
  • ...किसी वस्तु का लक्षण या गुण घुमा फिराकर भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया हो और उसे बूझने अथवा उस विशेष वस्तु का ना बताने का प्रस्ताव किया गया हो। इसे 'बुझ ...न्दाज नहीं किया जा सकता। पहेलियां आदि काल से व्यक्तित्व का हिस्सा रहीं हैं और रहेंगी। वे न केवल मनोरंजन करती हैं पर दिमाग को चुस्त एवं तरो-ताजा भी रखती ह ...
    २३ KB (१४७ शब्द) - ०९:१२, २१ मार्च २०२१
  • ...प्रजनक, की आयु होती है। यह समय मापन की खगोलीय अवधि है। मन्वन्तर एक संस्कॄत शब्द है, जिसका संधि-विच्छेद करने पर = मनु+अन्तर मिलता है। इसका अर्थ है मनु की आय ...य पर अवतार लेकर इसकी संरचना और पालन करते हैं। इनके साथ ही एक नये [[इंद्र]] और [[सप्तर्षि]] भी नियुक्त होते हैं। ...
    १७ KB (७८४ शब्द) - ०९:०१, २२ जून २०२१
  • ...ओं के [[पारिभाषिक शब्दावली|वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दों]] को परिभाषित एवं नए शब्दों का विकास करता है। ...सरी ओर अन्तरिम अवधि में लेखकों को नई संकल्पनाओं के लिए सर्वसम्मत पारिभाषिक शब्द प्रदान करना था। ...
    ९६ KB (४४७ शब्द) - १४:००, ३ अक्टूबर २०२०
  • ...ght|thumb|350px|[[वज्रच्छेदिकाप्रज्ञापारमितासूत्र]] नामक बौद्ध ग्रन्थ का [[संस्कृत]] से [[चीनी भाषा]] में अनुवाद [[कुमारजीव]] ने किया था। यह विश्व की सबसे प्र ...्द टांंसलेशन (translation) के पर्याय के रूप में किया। इसके बाद ही 'अनुवाद' शब्द का प्रयोग एक भाषा में किसी के द्वारा प्रस्तुत की गई सामग्री की दूसरी भाषा म ...
    २९४ KB (१,६७९ शब्द) - १७:५०, १३ अगस्त २०२१