दाँत
दाँत (अंग्रेज़ी: Tooth) मानव तथा अन्य कशेरुकी प्राणियों के मुख में स्थित कठोर संरचनाएँ हैं, जो मुख्य रूप से भोजन को काटने, चीरने तथा चबाने का कार्य करती हैं।[१] दाँत वाक् (भाषण) तथा चेहरे की बनावट में भी सहायक होते हैं।[१] मानव दाँतों की संरचना में मुख्य रूप से इनेमल, डेंटिन तथा पल्प शामिल हैं, और ये जबड़ों की अस्थि-गर्तिकाओं में पेरियोडोंटल लिगामेंट द्वारा स्थिर रहते हैं।[१]
शारीरिक रचना[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
दाँत मुख्यतः तीन कठोर ऊतकों तथा एक कोमल ऊतक से बनता है। सबसे बाहरी परत इनेमल (दंतवल्क) है, जो शरीर का सबसे कठोर ऊतक है और इसमें संवेदनशीलता नहीं होती।[१] इसके नीचे डेंटिन होता है, जो संवेदनशील होता है और दाँत का अधिकांश भाग इसी का बना होता है।[२] दाँत के केंद्र में पल्प (दंतमज्जा) होता है, जिसमें तंत्रिकाएँ, रक्तवाहिकाएँ तथा संयोजी ऊतक होते हैं।[१] जबड़े की हड्डी में धँसे दाँत के मूल भाग को सीमेंटम नामक ऊतक ढकता है, जो पेरियोडोंटल लिगामेंट के तंतुओं को जोड़ता है।[१] स्वस्थ मसूड़े गुलाबी रंग के होते हैं और दाँत की गर्दन के चारों ओर एक कसा हुआ कफ बनाते हैं।[१]
प्रकार[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
मानव दाँतों को आकार तथा कार्य के आधार पर चार वर्गों में विभाजित किया जाता है:[३]
- कृंतक (इनसाइज़र) – मुख के सामने के भाग में स्थित, भोजन को काटने तथा चोपने के लिए।[३]
- रदनक (कैनाइन) – कृंतकों के बगल में स्थित, भोजन को चीरने तथा फाड़ने के लिए।[३]
- अग्रचर्वणक (प्रीमोलर) – रदनकों के बगल में, भोजन को कुचलने तथा पीसने के लिए।[३]
- चर्वणक (मोलर) – मुख के पिछले भाग में, भोजन को महीन पीसने के लिए।[३]
दंतविन्यास[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
मानव में दो प्रकार के दंतविन्यास होते हैं – अस्थायी (दुग्ध या प्राथमिक) तथा स्थायी (वयस्क)। अस्थायी दंतविन्यास में प्रत्येक जबड़े में 4 कृंतक, 2 रदनक तथा 4 चर्वणक – कुल 20 दाँत होते हैं।[१] स्थायी दंतविन्यास में प्रत्येक जबड़े में 4 कृंतक, 2 रदनक, 4 अग्रचर्वणक तथा 6 चर्वणक – कुल 32 दाँत होते हैं।[१] अस्थायी दाँत सामान्यतः 6 माह से 2–3 वर्ष की आयु के बीच निकलते हैं तथा लगभग 6 वर्ष की आयु से स्थायी दाँत उनका स्थान लेना प्रारम्भ करते हैं।[१] दाँतों का विकास गर्भ में ही लगभग 28 दिनों पर आरम्भ हो जाता है।[१]
स्वास्थ्य एवं रोग[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
दंत स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य तथा पोषण के लिए महत्त्वपूर्ण है, और मुख के रोग प्रणालीगत स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।[१] भारत में दंत क्षय (कैविटी), पेरियोडोंटल रोग, मुख कैंसर तथा दंतहीनता (एडेंटुलिज़्म) प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, विशेषकर ग्रामीण तथा वंचित क्षेत्रों में।[४]
दंत क्षय (कैविटी) मुख में उपस्थित जीवाणुओं द्वारा शर्करा तथा स्टार्च से अम्ल उत्पन्न होने के कारण होता है, जो इनेमल को घोलता है।[५] जीवाणु, अम्ल, भोजन के कण तथा लार मिलकर प्लाक नामक चिपचिपा पदार्थ बनाते हैं, जो दाँतों पर चढ़ जाता है।[५]
जिंजिवाइटिस मसूड़ों की सूजन है, जिसमें मसूड़े लाल, सूजे हुए तथा रक्तस्रावी हो जाते हैं।[६] अनुपचारित जिंजिवाइटिस पेरियोडोंटाइटिस (पायरिया) में बदल सकता है, जिसमें दाँतों को सहारा देने वाले ऊतक तथा हड्डी प्रभावित होती है और दाँत ढीले पड़कर गिर भी सकते हैं।[६]
भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम (NOHP) तथा राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के माध्यम से मुख स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा है।[४] इन कार्यक्रमों के अंतर्गत स्केलिंग, फिलिंग, रूट कैनाल उपचार तथा दाँत निकालने जैसी सेवाएँ जिला अस्पतालों, उप-जिला अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाती हैं।[४] आयुष्मान भारत के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर मुख स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैनात किया जा रहा है।[७] स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दैनिक दो बार, प्रत्येक बार कम से कम दो मिनट तक दाँत ब्रश करने तथा मीठे/चिपचिपे पदार्थों के अधिक सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।[८]
सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]
- ↑ १.०० १.०१ १.०२ १.०३ १.०४ १.०५ १.०६ १.०७ १.०८ १.०९ १.१० १.११ । "Oral health and disease"। National Institutes of Health। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।
- ↑ । '।
- ↑ ३.० ३.१ ३.२ ३.३ ३.४ । "दाँतों के विभिन्न वर्ग कौन-कौन से होते हैं?"। CK-12 Foundation। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।
- ↑ ४.० ४.१ ४.२ । "National Strategy for Oral Health and Dental Disease Prevention"। राज्य सभा, भारत सरकार। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।
- ↑ ५.० ५.१ । "Dental cavities"। Florida Health Finder। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।
- ↑ ६.० ६.१ । "पेरियोडोंटाइटिस: लक्षण, चरण, कारण और उपचार"। Medicover Hospitals। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।
- ↑ । "Training Manual on Oral Care"। National Programme for Prevention and Control of Cancer, Diabetes, Cardiovascular Diseases and Stroke। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।
- ↑ । "Training Manual on Oral Care"। National Programme for Prevention and Control of Cancer, Diabetes, Cardiovascular Diseases and Stroke। अभिगमन तिथि: 24 अक्टूबर 2026।