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"वैदिक यज्ञ" के परिणाम खोजें - भारतपीडिया

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देखें (पिछले २० | ) (२० | ५० | १०० | २५० | ५००)
  • ...र:Brahmana performing fire sacrifice.JPG|thumb|250px| [[ब्राह्मण]] पुरोहित यज्ञ वेदी में [[घी]] का हवन करते हुए.]] ...क यज्ञ है जिसका वर्णन [[यजुर्वेद]] में मिलता है। अग्निहोत्र एक नित्य वैदिक यज्ञ है। ...
    ६२३ बाइट (१० शब्द) - १७:३५, १६ नवम्बर २०१८
  • '''अग्निचयन''' एक वैदिक यज्ञ है जिसका वर्णन [[यजुर्वेद]] में मिलता है। इस यज्ञ में १०,८०० ईंटों के प्रयोग का विधान है। {{वैदिक यज्ञ}} ...
    ८९४ बाइट (५१ शब्द) - ०५:२२, १६ जून २०२०
  • आठ मिट्टी के तसलों में यज्ञ अन्न को पकाने के बाद पुरोडाष नामक रोट तैयार किया जाता है और उस रोट से हवन क [[श्रेणी:वैदिक यज्ञ|अष्टकपाल]] ...
    ६७३ बाइट (१ शब्द) - १४:००, १९ सितम्बर २०१४
  • ...[अग्निपुराण|अग्नि पुराण]] नामक एक ग्रन्थ भी रचित हुआ। हिन्दू धर्म विधि में यज्ञ, हवन और विवाहों में अग्नि द्वारा ही देवताओं की पूजा की जाती है। सामूहिक यज्ञ नामक पुस्तक के अनुसार अग्नि की पत्नी का नाम स्वाहा और स्वधा था जो कि [[दक् ...
    ३ KB (७९ शब्द) - १२:३८, १ अगस्त २०२१
  • ...्रतसंबंधी चातुर्मास्य को "लौकिक चातुर्मास्य" और यज्ञसंबंधी चातुर्मास्य को "वैदिक चातुर्मास्य" कहते हैं। == वैदिक चातुर्मास्य == ...
    ५ KB (६२ शब्द) - २०:५०, १७ जून २०२१
  • ...ा बड़ा अधिकार था और वह [[मंत्री|मंत्रियों]] में गिना जाता था। पहले पुरोहित यज्ञादि के लिये नियुक्त किए जाते थे। आजकल वे कर्मकांड करने के अतिरिक्त, यजमान की ...रोहित है।<ref>[http://literature.awgp.org/book/yajnagni_hamaree_purohit/v2 यज्ञाग्नि हमारी पुरोहित]</ref> ...
    ४ KB (११४ शब्द) - १०:०९, १५ जून २०२०
  • ...ै जिसमें काव्य रूप में देवताओं की यज्ञ के लिये स्तुति की गयी है। इनकी भाषा वैदिक [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] है। चार वेद होने की वजह से चार संहिताएँ हैं (हर सं ...
    २ KB (२१ शब्द) - १२:१४, २१ मई २०२१
  • वैदिक ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक दिन का एक भाग राहु काल होता है। सूर्योंदय और सूर राहु काल ज्ञात करने के लिए वैदिक ज्योतिष में विशेष नियम बताया गया है। इस नियम के अनुसार सूर्योदय से सूर्यास् ...
    ६ KB (१८ शब्द) - १९:२९, १५ जून २०२०
  • '''नचिकेता''', [[वैदिक युग]] के एक तेजस्वी ऋषिबालक थे। इनकी कथा [[तैतरीय ब्राह्मण]] (3.11.8) तथा [ ...वांतर काल में इस आख्यान का विकास नासिकेतोपाख्यान के रूप में हुआ जिसमें मूल वैदिक कथा का विशेष परिवर्तन लक्षित होता है, इसके लघुपाठवाले आख्यान का [[सदल मिश्र ...
    ५ KB (१७१ शब्द) - ११:४७, १८ सितम्बर २०२०
  • [[चित्र:Samuhik Yagya.jpg|thumb|230px|वैदिक रीति से होता यज्ञ]] ...एक है, जो हिंदू धर्म को आकार देती हैं, हालांकि वर्तमान हिंदू धर्म ऐतिहासिक वैदिक धर्म से अलग है। ...
    १३ KB (१३७ शब्द) - २३:०४, ११ जुलाई २०२१
  • ...की व्याख्या की गयी है और मन्त्रों पर [[भाष्य]] भी दिया गया है। इनकी भाषा [[वैदिक संस्कृत]] है। चारों वेदों का एक या एक से अधिक ब्राह्मण हैं (हर वेद की अपनी # '''यज्ञः वै विष्णु''' - यज्ञ ही विष्णु है। ...
    ६ KB (४९ शब्द) - १२:१४, २१ मई २०२१
  • ...ं में कल्प का विशिष्ट महत्व है - क्योंकि जन्म, उपनयन, विवाह, अंत्येष्टि और यज्ञ जैसे विषय इसमें विहित हैं। ...गूढ़ विधिविधानों का स्पष्ट, असदिग्ध और आदेशात्मक रूप में विधिनिषेधों की इन वैदिक सूत्रग्रंथों द्वारा घोषणा की गई है। ...
    १३ KB (२९ शब्द) - २३:०६, ४ मार्च २०२०
  • ...Ashwamedha yagna of yudhisthira.jpg|right|thumb|300px|युधिष्ठिर का अश्वमेध यज्ञ]] ..., सब विजयों का इच्छुक होता है और समस्त समृद्धि पाने की कामना करता है वह इस यज्ञ का अधिकारी है। इसलिए सार्वीभौम के अतिरिक्त भी मूर्धाभिषिक्त राजा अश्वमेध कर ...
    ११ KB (९९ शब्द) - १५:०८, ५ दिसम्बर २०२०
  • ...ेय" जिसका अर्थ है ऋत्विज्, यज्ञ करानेवाला पुरोहित। विद्वानों की दृष्टि में वैदिक "ऐतरेय" को इस "ऐतरेय" से संबद्ध मानना भाषाशास्त्रीय शैली से नितांत उचित है। [[श्रेणी:वैदिक साहित्य]] ...
    ६ KB (९५ शब्द) - ११:०४, २२ जून २०२१
  • ...ज्ञान की बातें लिखी हुई हैं, कर्मकाण्ड के बारे में ये चुप हैं। इनकी भाषा [[वैदिक संस्कृत]] है। वेद, मंत्र तथा ब्राह्मण का सम्मिलित अभिधान है। मंत्रब्राह्मणय ...ं का अनुष्ठान न होकर तदंतर्गत अनुष्ठानों की आध्यात्मिक मीमांसा है। वस्तुत: यज्ञ का अनुष्ठान एक नितांत रहस्यपूर्ण प्रतीकात्मक व्यापार है और इस प्रतीक का पूर ...
    १२ KB (३९ शब्द) - १९:२७, १ अगस्त २०२१
  • ...हैं। यही उचित अवसर आने पर यज्ञ के वांछित फल को उत्पन्न करती है। इस प्रकार यज्ञ का फल मनुष्य को अवश्य प्राप्त होता है। इस कर्म और फल के संबंध की सार्वभौम न ...ते हैं जिसे अपूर्व कहा जाता है। यह अपूर्व आत्मा में रहता है और कालांतर में यज्ञ का अभीप्सित फल उत्पन्न करता है। जैन दर्शन में कर्म और फल के संबंध की व्याख् ...
    १३ KB (४ शब्द) - १८:४५, २९ फ़रवरी २०२०
  • '''मान्धातृ''' मान्धाता [[अयोध्या]] के राजा, वैदिक काल के सम्राट थे। ...ध यज्ञ|अश्वमेध यज्ञों]] का कर्ता और दानवीर, धर्मात्मा चक्रवर्ती सम्राट् जो वैदिक अयोध्या नरेश मंधातृ से अभिन्न माना जाता है। ...
    ४ KB (२० शब्द) - ०२:४०, २६ अगस्त २०२१
  • ...एक [[उपनिषद्|उपनिषद]] है। यह उपनिषद संस्कृत भाषा में लिखा है। इसके रचियता वैदिक काल के ऋषियों को माना जाता है परन्तु मुख्यत [[वेदव्यास]] जी को कई उपनिषदों ...यदि दान करते हैं तो निश्चय ही पुण्य नहीं प्राप्त होगा , जिससे किया जा रहा यज्ञ विफल न हो वैसा मुझे करना चाहिए यह सोचकर उसका पुत्र नचिकेता अपने पिता से, ‘ ...
    ८ KB (३२६ शब्द) - १६:२३, २१ मई २०२१
  • ...े बावजूद प्रजा पर अत्याचार नहीं था। [[उमेश शर्मा]] दार्शनिक का मानना है कि वैदिक साहित्य में राजतंत्र में कल्याणकारी राजा का विचार निहित था। ...े समान है। वे उनके सलाहकार थे और उनके बिना राजा न तो शासन कर सकता था, न ही यज्ञ-अनुष्ठान। राजा समाज और धर्म का रक्षक था। तथा गणराज्यों में यह समझा जाता था ...
    ३ KB (३० शब्द) - २२:२७, १२ अगस्त २०२१
  • ...अचलेश्वर के नाम से जाना जाता है, यहां पर नागों के देवताओं वसुओं और गणों ने यज्ञ किया था, गुरु नानकदेव भी यहां पर कुछ समय के लिये रहे थे और साधना की थी, कार {{वैदिक साहित्य}} ...
    ३ KB (० शब्द) - १२:४८, २ मार्च २०१७
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