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वैश्‍लेषिक फलन

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गणित में वैश्‍लेषिक फलन (analytic function) वह फलन कहलाता है जिसे अभिसारी बहुघात श्रेणी में बदला जा सके। वास्तविक व समिश्र दोनों तरह के वैश्‍लेषिक फलन पाये जाते हैं जिनके जिनकी श्रेणियाँ कुछ समानता व कुछ भिन्नता के साथ होती हैं।

परिभाषा[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

सामान्यतः, एक फलन ƒ वास्तविक संख्या रेखा पर खुले समुच्चय D में वास्तविक विश्लेषणात्मक होगा यदि D में सभी x0 के लिए

f(x)=n=0an(xx0)n=a0+a1(xx0)+a2(xx0)2+a3(xx0)3+

जहाँ गुणक a0, a1, ... आदि वास्तविक संख्याएं हैं और श्रेणी ƒ(x) पर x के लिए x0 के परिवेश में अभिसारी है।

उदाहरण[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

ex एक वैश्लेषिक फलन है। इसी तरह sin x, cos x, tan x आधि स्भी त्रिकोणमितीय फलन भी वैश्लेषिक हैं। बहुघात फलन (वास्तविक अथवा समिश्र) वैश्‍लेषिक फलन का उदाहरण है।

वैश्‍लेषिक फलन के गुणधर्म[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  • वैश्‍लेषिक फलन अनन्त अवकलनीय (infinitely differentiable) होते हैं।

ये भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

साँचा:फलन