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समानता की प्रतिमा

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साँचा:Infobox monument

समानता की प्रतिमा या डॉ॰ बाबासाहेब आम्बेडकर स्मारक भारत के प्रथम कानून मंत्री तथा भारतीय संविधान के पिता डॉ॰ भीमराव आम्बेडकर को समर्पित एक प्रस्तावित स्मारक है, जो भारतीय राज्य महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित है।[][][][] यह स्मारक मुंबई के दादर में इंदू मिल की साडे 12 एकड भूमि पर बन रहा हैंबनेगा। स्मारक में आम्बेडकर की साँचा:Convert ऊँची कांस्य की विशालकाय मूर्ति स्थापित की जायेगी, जो विश्व की तिसरी सबसे ऊँची मूर्ति होगी। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2015 को स्मारक के निर्माण का शिलान्यास किया।[][][][] यह स्मारक आंबेडकर के समाधि स्थली चैत्य भूमि के करीब है। वर्तमान में विश्व की पहली और दूसरी सबसे ऊँची मूर्तियां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी साँचा:Convert और स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध साँचा:Convert हैं।[] स्मारक को स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी (समानता की प्रतिमा) कहां जाता हैं। आम्बेडकर ने भारतीय लोगों में समानता प्रस्थापित करने के लिए आजीवन संघर्ष किया, इसलिए उनको समानता का प्रतीक (सिम्बॉल ऑफ इक्वेलिटी) माना जाता है।

इतिहास[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

प्रतिभाशाली एवं समानता पुरूष डॉ॰ भीमराव आंबेडकर, जिनके सम्मान में यह स्मारक निर्माण हो रह है।

महाराष्ट्र के आम्बेडकरवादी नेता महाराष्ट्र सरकार से सन 2000 पूर्व से मुंबई में आम्बेडकर का भव्य स्मारक बनाने की मांग कर रहे थे। मुंबई के दादर में पुराने इंदु मिल्स की जमीन पर आम्बेडकर स्मारक बनाने सर्वप्रथम घोषणा 18 अगस्त 2012 को भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने की थी।[१०] 2014 में केंद्र व राज्य में सरकार बदली और भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आयी। स्मारक का पहला एक प्रारूप बनाया गया था जिसमें केवल 80 फीट ऊंची आम्बेडकर प्रतिमा का प्रस्ताव था। 11 अक्टूबर 2015, स्मारक की आधारशिला भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई थी।[११] लेकिन कुछ संगठनों ने इस स्मारक के प्रारूप को लेकर ऐतराज जताया, रिपब्लिकन सेना के आनंदराज आंबेडकर सहित कुछ संगठनों ने मांग की थी कि आम्बेडकर का स्मारक अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंचा होना चाहिये। इस संदर्भ में फैसला लेने के लिए राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बडोले की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई।[१२][१३] कमिटी ने नया प्रारुप बनाया, आंबेडकर के अंतरराष्ट्रिय स्मारक के इस नए प्रारूप को अगस्त 2016 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा मंजूरी दे दी गई। इस प्रारूप के मुताबिक इंदु मिल की जमीन पर जो आंबेडकर स्मारक विकसित किया जाने वाला था उसमें आंबेडकर की 350 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने का प्रस्ताव था, जिसमें प्रतिमा के चबूतरे की ऊंचाई 100 फीट भी सम्मिलीत थी।[१४][१५] इस प्रारुप में अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना थी।[१६][१७] आम्बेडकर के पौत्र आनंदराज आंबेडकर ने फिर इसका विरोध करते हुए आरोप किया की मुर्ति की ऊंचाई 100 फीट से कम की गई हैं, उन्होंने मांग की थी कि केवल आम्बेडकर की प्रतिमा (बिना चबुरते) की ऊंचाई 350 फीट होनी चाहिये। 21 जून 2019 में देवेन्द्र फडणवीस ने मुर्ति की कुल ऊंचाई 450 (137.3 मीटर) फीट करने की घोषणा की, जिसमें मुर्ति के चबुतरे की ऊंचाई भी शामील है।[१८][१९]

स्मारक की संरचना[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

  •  स्मारक का प्रारूप शिल्पकार शशि प्रभू ने तैयार किया है। तथा मुर्ति का निर्माण शिल्पकार राम सुतार द्वारा किया जायेगा।
  • स्मारक के मध्य भाग में आम्बेडकर की 350 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा होगी, जो एक बिल्डींग के चबूतरे पर स्थापित की जाएगी।
  • स्मारक में आम्बेडकर की एक 25 ऊंची मुर्ति भी बनाई गई हैं।
  •  यहां आर्ट गैलरी, बौद्ध स्तूप, पुस्तकालय और सभागृह बनाया जाएगा। प्रतिमा के चबूतरे की डिजायन कमल के फूल जैसी होगी।
  •  यहां पर एक सङ्ग्रहालय भी बनाया जाएगा, जिसमें आम्बेडकर के जीवन से जुड़े तैलचित्र लगाए जाएंगे। स्मारक के पास 450 वाहनों के पार्किंग की सुविधा होगी।
  •  यहां लाइट एंड साउंड सिस्टम के जरिए आम्बेडकर के महाड़ सत्याग्रह को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
  • स्मारक परिसर में आंगतुकों के लिए करीब ढाई किमी लंबी लाइन लगाने की व्यवस्था होगी।
  • मुंबई में आने वाले अधिकांश लोग बांद्रा-वरली सी लिंक से गुजरते हैं। सी लिंक से आंबेडकर स्मारक का भव्य नजारा देखा जा सकेगा।
  •  स्मारक के सामने स्थित समुद्री किनारों को भी खूबसूरत बनाया जाएगा।
  •  इस स्मारक का प्रस्तावित खर्च 743 करोड़ रुपए है, तथा इसके निर्माण की जिम्मेदारी एमएमआरडीए को सौंपी गई है।

इन्हें भी देखें[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

सन्दर्भ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादित करें | स्रोत सम्पादित करें]

साँचा:Commons cat

  1. (10 October 2015)."PM Modi to be briefed on how Ambedkar Memorial will look".The Indian Express'.[१]
  2. name="TNN 2012">(2 January 2012)."Statue of equality should come up at Indu Mill site: Ambedkar".The Times of India'.[२]
  3. (16 March 2012)."Govt dithers even on ‘statue of equality’ plan".dna'.[३]
  4. "A year on, state govt yet to pick designer for Ambedkar memorial". '. [४]Retrieved 17 जनवरी 2017.
  5. (2012-12-06)."Ambedkar memorial: Statue taller than that of Liberty sought".Indian Express.[५]
  6. "संग्रहीत प्रति".[६]Retrieved 17 जनवरी 2017.
  7. "संग्रहीत प्रति".[७]Retrieved 17 जनवरी 2017.
  8. "संग्रहीत प्रति".[८]Retrieved 17 जनवरी 2017.
  9. https://m-timesofindia-com.cdn.ampproject.org/v/s/m.timesofindia.com/city/mumbai/dr-babasaheb-ambedkar-statue-to-be-100-ft-taller/amp_articleshow/69884187.cms?amp_js_v=a2&amp_gsa=1#referrer=https%3A%2F%2Fwww.google.com&amp_tf=From%20%251%24s
  10. "Indu Mills land in the city for the memorial of Dr Babasaheb Ambedkar before December 6, the death anniversary of the late leader.". '. [९]
  11. (20 October 2015)."PM Lays Foundation Stone of Ambedkar Memorial, Sena Stays Away".The New Indian Express'.[१०]
  12. "स्थापित होगी बाबा साहेब की 350 फीट ऊंची प्रतिमा, सीएम फडणवीस ने दी मंजूरी".[११]Retrieved 18 जनवरी 2017.
  13. "संग्रहीत प्रति".[१२]Retrieved 18 जनवरी 2017.
  14. "स्थापित होगी बाबा साहेब की 350 फीट ऊंची प्रतिमा, सीएम फडणवीस ने दी मंजूरी".[१३]Retrieved 18 जनवरी 2017.
  15. "संग्रहीत प्रति".[१४]Retrieved 18 जनवरी 2017.
  16. "डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक की नई संरचना".[१५]Retrieved 18 जनवरी 2017.
  17. "संग्रहीत प्रति".[१६]Retrieved 18 जनवरी 2017.
  18. "संग्रहीत प्रति".[१७]Retrieved 24 जून 2019.
  19. "संग्रहीत प्रति".[१८]Retrieved 24 जून 2019.